Heart Health Update: हाई कोलेस्ट्रॉल के लिए जारी हुई नई गाइडलाइन्स, जानें हार्ट अटैक और स्ट्रोक से बचने का 'नया फॉर्मूला'

American College of Cardiology and AHA ने हाई कोलेस्ट्रॉल के मैनेजमेंट के लिए नई गाइडलाइन्स जारी की हैं

Update: 2026-04-04 06:00 GMT

दुनियाभर में मौत का सबसे बड़ा कारण हार्ट की बीमारी (Cardiovascular Disease) को माना जाता है, लेकिन अच्छी बात ये है कि इनमें से लगभग 80 प्रतिशत मामलों में रोका जा सकता है. हाल ही में अमेरिकी हार्ट स्पेशलिस्ट (American College of Cardiology and AHA) ने हाई कोलेस्ट्रॉल के मैनेजमेंट के लिए नई गाइडलाइन्स जारी की हैं, जो 2018 के पुराने नियमों की जगह लेंगी. इससे आपको दिल स्वस्थ्य रहेगा और दिल की बीमारियों के कम हो सकते हैं. गाइडलाइन्स का मुख्य उद्देश्य कम उम्र में ही कोलेस्ट्रॉल की पहचान करना और फ्यूचर में होने वाले हार्ट अटैक या स्ट्रोक के खतरे को कम करना है.

कोलेस्ट्रॉल को समझना: 'गुड' बनाम 'बैड'

कोलेस्ट्रॉल एक मोम जैसा वसायुक्त पदार्थ है जो कोशिकाओं और हार्मोन बनाने के लिए जरूरी है. लेकिन इसके दो टाइप होते हैं. पहला LDL (Bad Cholesterol)- अगर ये ज्यादा हो जाए तो धमनियों में रुकावट पैदा करती है, जिससे दिल तक खून पहुंचना मुश्किल हो जाता है. दूसरा है HDL (Good Cholesterol)-यह शरीर से एक्स्ट्रा LDL को साफ कर लिवर तक पहुंचाता है, जहां इसे तोड़ दिया जाता है.

नई गाइडलाइन्स की बड़ी बातें

अगर आपके परिवार में किसी को दिल की बीमारी या हाई कोलेस्ट्रॉल का इतिहास रहा है, तो अब कम उम्र में ही जांच कराने की सलाह दी गई है. डॉ. सेठ मार्टिन के अनुसार, जीवन के शुरुआती चरणों में बचाव की रणनीति अपनाने से दशकों बाद होने वाली बीमारियों को रोका जा सकता है.

PREVENT स्कोर का उपयोग-अब डॉक्टर मरीज के जोखिम का आकलन करने के लिए 'PREVENT' (Predicting Risk of Cardiovascular Disease Events) स्कोर का उपयोग करेंगे. यह तकनीक पर्सनल रूप से यह बताने में सक्षम है कि किसी व्यक्ति को दिल की बीमारी का कितना खतरा है. कुछ स्पेशल केस में, खतरे कम करने के लिए दवाओं (जैसे स्टैटिन) का सेवन पहले की तुलना में जल्दी शुरू करने का प्रस्ताव दिया गया है.

कैसे घटाएं बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल?

हालांकि तकनीक बदल गई है, लेकिन कोलेस्ट्रॉल कम करने के बुनियादी मंत्र आज भी वही हैं.

  • फल, सब्जियां और फाइबर युक्त भोजन लें.
  • रेलुगर एक्सरसाइज -शारीरिक सक्रियता गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाती है.
  • पर्याप्त नींद और नो स्मोकिंग-धूम्रपान छोड़ना और 7-8 घंटे की नींद लेना दिल की सेहत के लिए अनिवार्य है.
  • वजन नियंत्रण-शरीर का सही वजन बनाए रखने से लिपिड प्रोफाइल संतुलित रहता है.

Tags:    

Similar News