ड्रग-रेसिस्टेंट टीबी (DR-TB) क्या है? जानें भारत में इसके बढ़ते खतरे और टाइप
आंकड़ों के अनुसार, साल 2023 में भारत में 25.52 लाख मरीजों में टीबी की पुष्टि हुई, जिनमें से 95.5% मरीजों का इलाज शुरू किया गया.
टीबी (Tuberculosis) अनादि काल से मानवता के लिए एक बड़ी चुनौती रही है. भारत में टीबी के खिलाफ संगठित लड़ाई 20वीं शताब्दी की शुरुआत में शुरू हुई थी, जिसमें 1962 के 'राष्ट्रीय कार्यक्रम' ने एक नई दिशा दी. आज इस मिशन को 'राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम' (NTEP) के रूप में जाना जाता है. आंकड़ों के अनुसार, साल 2023 में भारत में 25.52 लाख मरीजों में टीबी की पुष्टि हुई, जिनमें से 95.5% मरीजों का इलाज शुरू किया गया.
ड्रग-रेसिस्टेंट टीबी: एक गंभीर वैश्विक खतरा
टीबी के खिलाफ हमारी जंग में सबसे बड़ी बाधा 'ड्रग रेजिस्टेंस' (दवा के प्रति प्रतिरोधक क्षमता) है. जब टीबी के बैक्टीरिया (Bacilli) पर सामान्य दवाओं का असर खत्म हो जाता है, तो उसे ड्रग-रेसिस्टेंट टीबी कहा जाता है. दुनिया भर में मल्टीड्रग-रेसिस्टेंट टीबी (MDR-TB) के मरीजों की संख्या में भारत की हिस्सेदारी सबसे अधिक (27%) है. ऐसे में टीबी के पूर्ण खात्मे के लिए ड्रग रेजिस्टेंस को समझना और समय पर इलाज करना 'वक्त की जरूरत' बन गया है.
ड्रग-रेसिस्टेंट टीबी (DR-TB) के टाइप
- रिफैम्पिसिन-रेसिस्टेंट टीबी (RR-TB)-जब मरीज के नमूने में टीबी की मुख्य दवा 'रिफैम्पिसिन' के प्रति प्रतिरोध पाया जाता है.
- आइसोनियाज़िड-रेसिस्टेंट टीबी (HR-TB)-इसमें बैक्टीरिया 'आइसोनियाज़िड' के प्रति प्रतिरोधी होता है लेकिन 'रिफैम्पिसिन' के प्रति संवेदनशील रहता है.
- मोनो-रेसिस्टेंट टीबी (MR-TB)-जब टीबी का बैक्टीरिया पहली पंक्ति (First-line) की केवल एक दवा के प्रति प्रतिरोधी हो.
- मल्टीड्रग-रेसिस्टेंट टीबी (MDR-TB)-यह सबसे खतरनाक है, जिसमें बैक्टीरिया आइसोनियाज़िड और रिफैम्पिसिन दोनों मुख्य दवाओं के प्रति प्रतिरोधी हो जाता है.
- पॉली-ड्रग रेसिस्टेंट टीबी (PDR-TB)-जब बैक्टीरिया एक से अधिक पहली पंक्ति की दवाओं के प्रति प्रतिरोधी हो (लेकिन H और R दोनों एक साथ नहीं).
- प्री-एक्सटेंसिवली ड्रग-रेसिस्टेंट (Pre-XDR-TB)-यह MDR/RR-TB का वह रूप है जिसमें बैक्टीरिया किसी भी 'फ्लुओरोक्विनोलोन' (Fluoroquinolone) दवा के प्रति भी प्रतिरोधी हो जाता है.
एक्सटेंसिवली ड्रग-रेसिस्टेंट (XDR-TB)- यह टीबी का सबसे जटिल रूप है. इसमें MDR/RR-TB के साथ-साथ 'फ्लुओरोक्विनोलोन' और कम से कम एक अतिरिक्त ग्रुप-A दवा (जैसे बेडाक्विलिन या लिनज़ोलिड) के प्रति भी प्रतिरोध पाया जाता है.