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कोलेस्ट्रॉल को समझें: अच्छा, बुरा और संतुलन बनाए रखने के तरीके

कोलेस्ट्रॉल हमेशा बुरा नहीं होता — शरीर को इसकी ज़रूरत होती है।
यह सेल (कोशिकाओं), विटामिन D, और हार्मोन (जैसे एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन) बनाने में मदद करता है।
लेकिन जब कोलेस्ट्रॉल का स्तर बिगड़ जाता है — यानी बुरे प्रकार का कोलेस्ट्रॉल (LDL, VLDL) बढ़ जाता है और अच्छा कोलेस्ट्रॉल (HDL) घट जाता है —
तो यही कोलेस्ट्रॉल धमनियों में जमकर दिल की बीमारियों का कारण बनता है।
संतुलन बनाए रखना ही दिल की सुरक्षा की पहली शर्त है।
कोलेस्ट्रॉल क्या है?
कोलेस्ट्रॉल एक मोम जैसा वसायुक्त पदार्थ (fat-like substance) है जो लीवर बनाता है,
और कुछ मात्रा में यह खाने से भी शरीर में जाता है —
जैसे मांस, अंडे, डेयरी उत्पाद और तले हुए खाद्य पदार्थों से।
क्योंकि कोलेस्ट्रॉल रक्त में घुलता नहीं, इसलिए यह लाइपोप्रोटीन (lipoproteins) नामक छोटे प्रोटीन कणों के साथ यात्रा करता है।
मुख्य रूप से तीन प्रकार होते हैं:
• HDL (High-Density Lipoprotein) – अच्छा कोलेस्ट्रॉल, जो धमनियों से अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल हटाता है।
• LDL (Low-Density Lipoprotein) – बुरा कोलेस्ट्रॉल, जो धमनियों में जमाव करता है।
• VLDL (Very Low-Density Lipoprotein) – बहुत बुरा कोलेस्ट्रॉल, जो ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides) यानी रक्त में वसा पहुँचाता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया के लगभग 39% वयस्कों में कोलेस्ट्रॉल का स्तर अधिक है,
और यह हर तीन में से एक दिल की बीमारी में भूमिका निभाता है।
HDL – अच्छा कोलेस्ट्रॉल
HDL आपके दिल का रक्षक है।
यह अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को धमनियों से निकालकर वापस लीवर तक पहुँचाता है,
जहाँ यह टूटकर शरीर से बाहर निकल जाता है।
जितना अधिक HDL होगा, दिल उतना सुरक्षित रहेगा।
सही HDL स्तर:
• पुरुष: 40 mg/dL से अधिक
• महिलाएँ: 50 mg/dL से अधिक
AHA (American Heart Association) के अनुसार,
HDL में हर 5 mg/dL की वृद्धि से दिल की बीमारी का खतरा लगभग 10% तक घट जाता है।
HDL बढ़ाने के आसान तरीके:
• रोज़ व्यायाम करें
• हेल्दी तेल (सरसों, ऑलिव, सूरजमुखी), मेवे और बीज लें
• धूम्रपान छोड़ें
• तनाव कम करें
LDL – बुरा कोलेस्ट्रॉल
LDL वह कोलेस्ट्रॉल है जो लीवर से शरीर के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचता है।
लेकिन जब यह ज़्यादा मात्रा में हो, तो धमनियों की दीवारों पर चिपक जाता है और धीरे-धीरे प्लाक (plaque) बना देता है।
यह प्लाक धमनियों को संकरा और कठोर बना देता है — जिसे एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) कहते हैं।
जब यह परत फटती है, तो खून का थक्का (clot) बन सकता है,
जो दिल या दिमाग तक खून का बहाव रोक देता है — परिणामस्वरूप हार्ट अटैक या स्ट्रोक।
खतरनाक LDL: 130 mg/dL से अधिक
आदर्श स्तर: 100 mg/dL से कम
WHO के अनुसार, उच्च LDL कोलेस्ट्रॉल हर साल 4.4 मिलियन से अधिक मौतों का कारण बनता है।
VLDL – बहुत बुरा कोलेस्ट्रॉल
VLDL (Very Low-Density Lipoprotein) ट्राइग्लिसराइड्स नामक वसा को रक्त में ले जाता है।
जब VLDL बढ़ जाता है, तो रक्त गाढ़ा हो जाता है और धमनियों में जमाव बढ़ता है,
जिससे दिल का दौरा, स्ट्रोक और फैटी लिवर जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
सही ट्राइग्लिसराइड स्तर: 150 mg/dL से कम
Harvard Medical School के अनुसार,
जिन लोगों में ट्राइग्लिसराइड्स अधिक और HDL कम होता है, उनमें दिल की बीमारी का खतरा दोगुना होता है।
VLDL घटाने के तरीके:
• मीठा और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट कम करें
• शराब सीमित करें
• रोज़ व्यायाम करें
• वजन और डायबिटीज़ नियंत्रित रखें
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कुछ मुख्य कारण-
• असंतुलित आहार: तला-भुना, मांस, मक्खन और जंक फूड
• कम शारीरिक गतिविधि: लंबे समय तक बैठना या व्यायाम न करना
• धूम्रपान और अधिक शराब: धमनियों को नुकसान पहुँचाते हैं
• मोटापा और डायबिटीज़
• थायरॉइड, लीवर या किडनी की बीमारी
• वंशानुगत कारण: कुछ लोगों में कोलेस्ट्रॉल प्राकृतिक रूप से अधिक बनता है
NIH रिपोर्ट: परिवारिक इतिहास वाले लोगों में 20% मामलों में कोलेस्ट्रॉल उच्च पाया जाता है।
किसे है ज्यादा खतरा
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से ज्यादा खतरा-
• 40 वर्ष से अधिक आयु के लोग
• उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) या डायबिटीज़ वाले
• कम सक्रिय जीवनशैली वाले व्यक्ति
• तनावग्रस्त या अधिक वजन वाले लोग
• परिवार में दिल की बीमारी का इतिहास रखने वाले
महिलाओं में रजोनिवृत्ति (Menopause) के बाद जोखिम और बढ़ जाता है।
उच्च कोलेस्ट्रॉल से होने वाली बीमारियाँ
जब कोलेस्ट्रॉल धमनियों में जमा होता है, तो यह कई गंभीर बीमारियों का कारण बनता है:
• कोरोनरी आर्टरी डिज़ीज़ (CAD) – दिल की धमनियाँ ब्लॉक होना
• हार्ट अटैक या एंजाइना (सीने में दर्द)
• स्ट्रोक (Brain Attack)
• पेरिफेरल आर्टरी डिज़ीज़ (PAD) – पैरों में रक्त प्रवाह कम होना
• फैटी लिवर और पैनक्रियाटाइटिस (जब ट्राइग्लिसराइड बहुत अधिक हो)
CDC के अनुसार, कुल कोलेस्ट्रॉल में 10% की कमी से दिल की बीमारी का खतरा 30% तक घट जाता है।
कोलेस्ट्रॉल की जांच कैसे होती है
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कोई लक्षण नहीं होते।
इसे केवल एक रक्त जांच (Lipid Profile Test) से ही पता लगाया जा सकता है।
यह जांच मापती है:
• Total Cholesterol
• LDL (Bad)
• HDL (Good)
• Triglycerides (VLDL का सूचक)
जांच की आवृत्ति:
• 30 वर्ष के बाद हर साल एक बार
• अगर डायबिटीज़, मोटापा या पारिवारिक इतिहास है तो हर 6 महीने में
कोलेस्ट्रॉल घटाने के प्राकृतिक तरीके
आप सरल जीवनशैली में बदलाव करके कोलेस्ट्रॉल को प्रभावी रूप से कम कर सकते हैं।
• संतुलित आहार लें: फल, सब्ज़ियाँ, ओट्स, साबुत अनाज और हेल्दी फैट्स शामिल करें।
• रोज़ाना व्यायाम करें: कम से कम 30 मिनट तेज़ चाल से चलना या साइकिल चलाना।
• धूम्रपान छोड़ें और शराब सीमित करें।
• वजन नियंत्रित रखें: केवल 5–10% वजन घटाने से भी असर दिखता है।
• तनाव कम करें और 7–8 घंटे नींद लें।
• डॉक्टर की सलाह पर दवाएँ लें: जैसे स्टैटिन, ओमेगा-3 आदि।
Harvard Health के अनुसार, नियमित जीवनशैली से
LDL/VLDL में 15–20% की कमी और HDL में 10–12% की वृद्धि हो सकती है।
सही संतुलन ही सच्ची सुरक्षा है
दिल को सिर्फ “कम कोलेस्ट्रॉल” की नहीं, संतुलित कोलेस्ट्रॉल की ज़रूरत होती है।
HDL बचाता है, जबकि LDL और VLDL नुकसान पहुँचाते हैं।
जब यह संतुलन बिगड़ता है, तो दिल की बीमारी धीरे-धीरे शुरू होती है — बिना किसी संकेत के।
सही खाएँ, रोज़ चलें, और समय पर जांच कराएँ —
यही है दिल को स्वस्थ रखने का असली तरीका।
American Heart Association (AHA). Cholesterol — What It Is and Why It Matters. Updated 2024.
Centers for Disease Control and Prevention (CDC). High Cholesterol Facts. Updated 2024.
National Heart, Lung, and Blood Institute (NHLBI). High Blood Cholesterol: What You Need to Know. U.S. Department of Health and Human Services, 2023.
World Health Organization (WHO). Cardiovascular Diseases: Risk Factors and Cholesterol. 2024.
Mayo Clinic. High Cholesterol: Symptoms and Causes. Reviewed 2024.
European Society of Cardiology (ESC) & European Atherosclerosis Society (EAS). 2023 ESC/EAS Guidelines for the Management of Dyslipidaemias. Eur Heart J. 2023.
Dr Prem Aggarwal, (MD Medicine, DNB Cardiology) is a Cardiologist by profession and also the Co-founder of Medical Dialogues. He is the Chairman of Sanjeevan Hospital in Central Delhi and also serving as the member of Delhi Medical Council

