24 घंटे की पेशाब जाँच (24-Hour Urine Test) क्या है? इस जाँच को क्यों, कब और कैसे कराएं; जानिये जरूरी टिप्स!

24 घंटे की पेशाब जाँच एक प्रयोगशाला (laboratory) जाँच है, जिसमें पूरे 24 घंटे की सभी पेशाब इकट्ठा की जाती है।

Update: 2026-02-11 11:30 GMT

24 घंटे की पेशाब जाँच एक प्रयोगशाला (laboratory) जाँच है, जिससे किडनी के कामकाज और शरीर से निकलने वाले पदार्थों की सही जानकारी मिलती है।  यह जाँच एक बार की पेशाब जाँच की तुलना में अधिक भरोसेमंद होती है।

यह जाँच क्यों कराई जाती है?

24 घंटे की पेशाब जाँच से किडनी की कार्यक्षमता और शरीर में निकलने वाले पदार्थों जैसे प्रोटीन, नमक और अपशिष्ट की सही जानकारी मिलती है। यह जाँच किडनी रोग, उच्च रक्तचाप, पथरी, मधुमेह, पेशाब का संक्रमण, तथा अन्य बीमारियों की जाँच व निगरानी के लिए की जाती है। इस जाँच में आपको पूरे 24 घंटे की सारी पेशाब इकट्ठा करनी होती है।

जाँच से पहले क्या तैयारी करें?

सही और सटीक परिणाम पाने के लिए जाँच से पहले कुछ आवश्यक तैयारियाँ करना ज़रूरी होता है। इनका पालन करने से जाँच में किसी तरह की गलती नहीं होती।

• अगर डॉक्टर ने कोई खास खान-पान बताया है, तो उसका पालन करें।

• अगर कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं, तो सामान्य खाना-पीना जारी रखें।

• अपनी सभी दवाओं के बारे में डॉक्टर को ज़रूर बताएं

(एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, विटामिन आदि)।

• ऐसा दिन चुनें जब आप घर पर रहें या जहाँ पेशाब सुरक्षित रख सकें।

• पूरे 24 घंटे की एक भी पेशाब छूटनी नहीं चाहिए।

24 घंटे की पेशाब कैसे इकट्ठा करें?

सही परिणाम पाने के लिए पेशाब को निर्धारित तरीके से पूरे 24 घंटे तक सावधानीपूर्वक इकट्ठा करना आवश्यक होता है।

1. सुबह उठते ही पहली पेशाब टॉयलेट में कर दें और फ्लश कर दें। उसी समय को लिख लें। यही आपकी जाँच की शुरुआत का समय होगा।

2. इसके बाद अगले 24 घंटे तक होने वाली हर पेशाब लैब से मिले बड़े कंटेनर (डिब्बे) में इकट्ठा करें।

3. अगर कंटेनर में पहले से कोई तरल है, तो उसे फेंकें नहीं और न ही धोएँ।

4. पहले पेशाब किसी छोटे बर्तन या पॉट में करें, फिर उसे सावधानी से बड़े कंटेनर में डालें।

5. ध्यान रखें:

- टॉयलेट पेपर या मल (पाखाना) कंटेनर में न जाए

- पेशाब गिरने न पाए

6. अगले दिन ठीक 24 घंटे पूरे होने पर आख़िरी पेशाब भी कंटेनर में इकट्ठा करें।

7. पूरे समय कंटेनर को फ्रिज में रखें या बर्फ वाले डिब्बे (आइस बॉक्स) में रखें|

8. 24 घंटे पूरे होने के बाद कंटेनर को जितनी जल्दी हो सके लैब में पहुँचा दें।

रिपोर्ट का क्या मतलब होता है?

रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर आपको बताएँगे कि परिणाम क्या दर्शाते हैं। खुद से रिपोर्ट का अर्थ निकालने की कोशिश न करें।

डॉक्टर से क्या सवाल पूछने चाहिए?

जाँच के बाद अपनी स्थिति और आगे की देखभाल को समझने के लिए डॉक्टर से ये सवाल पूछ सकते हैं:

• रिपोर्ट कब आएगी?

• रिपोर्ट मुझे कैसे मिलेगी?

• क्या इलाज की ज़रूरत है?

• और कौन-सी जाँच करानी होगी?

• आगे मुझे क्या करना चाहिए?

संक्षेप में क्या समझना ज़रूरी है?

24 घंटे की पेशाब जाँच में पहली सुबह की पेशाब छोड़कर अगले 24 घंटे की सभी पेशाब एक कंटेनर में इकट्ठा की जाती है, जिसे ठंडा रखकर जाँच पूरी होते ही लैब में जमा करना होता है।

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