आधी रात में खुल जाती है नींद? दोबारा चैन से सोने के लिए अपनाएं ये 10 असरदार तरीके
लगभग 20% लोग रात में अचानक जागने और फिर दोबारा न सो पाने की समस्या (Insomnia) से जूझते हैं. यह स्थिति न केवल थका देने वाली है, बल्कि मानसिक तनाव भी बढ़ाती है. अगर आप भी रात भर करवटें बदलते रहते हैं, तो ये वैज्ञानिक तरीके आपको मिनटों में दोबारा सुलाने में मदद करेंगे.
घड़ी की ओर देखना बंद करें
जब हम बार-बार समय देखते हैं, तो दिमाग इस बात का तनाव पाल लेता है कि "कितने घंटे की नींद बर्बाद हो गई." यह तनाव नींद को और दूर भगा देता है. घड़ी को दीवार की तरफ घुमा दें और फोन पर समय देखने की इच्छा को काबू में रखें.
'ब्लू लाइट' से रहें दूर
फोन, टैबलेट या लैपटॉप की नीली रोशनी मस्तिष्क को संकेत देती है कि जागने का समय हो गया है. रात में नींद टूटने पर गैजेट्स को हाथ न लगाएं. सोने से एक घंटा पहले ही सभी स्क्रीन बंद कर देना सबसे अच्छा है.
20 मिनट का नियम (Get Out of Bed)
अगर आप 20 मिनट से ज्यादा देर तक जाग रहे हैं, तो बिस्तर पर लेटे न रहें. दूसरे कमरे में जाएं, धीमी रोशनी रखें और कुछ शांत काम करें, जैसे किताब पढ़ना या गहरी सांस लेना. जब दोबारा नींद महसूस हो, तभी बिस्तर पर लौटें.
दिमाग को 'रिवॉर्ड' न दें
रात में जागने पर ऑफिस का काम करना, घर की सफाई या कुकिंग करना शुरू न करें. अगर आप ऐसा करते हैं, तो आपका दिमाग रात में जागने को एक 'इनाम' की तरह देखने लगता है, जिससे यह समस्या आदत बन सकती है.
उल्टी गिनती और मांसपेशियों को आराम
100 से 1 तक गिनती-यह दिमाग को वर्तमान में रखता है और फालतू चिंताओं को रोकता है. प्रोग्रेसिव रिलैक्सेशन-अपने पैरों की उंगलियों से शुरू करते हुए चेहरे तक की हर मांसपेशी को 5 सेकंड के लिए सिकोड़ें और फिर ढीला छोड़ें. इससे शरीर रिलैक्स महसूस करता है.
नींद न टूटने के लिए बचाव के उपाय
दोपहर 1 बजे के बाद चाय, कॉफी या सोडा न पिएं. कैफीन शरीर में 5-6 घंटों तक बना रहता है.
शराब भले ही जल्दी सुला दे, लेकिन यह नींद की गुणवत्ता खराब करती है और आधी रात को आपको जगा सकती है.
अपने कमरे का तापमान 15°C से 20°C (60-67°F) के बीच रखें. बाहरी शोर को रोकने के लिए 'व्हाइट नॉइज' मशीन या पंखे का उपयोग करें.
डॉक्टर से कब मिलें?
अगर ये नुस्खे काम नहीं कर रहे हैं, तो यह स्लीप एपनिया, डिप्रेशन या क्रॉनिक पेन जैसी किसी बीमारी का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना अनिवार्य है.