दिल्ली में टीबी नियंत्रण को बढ़ावा: नजफगढ़ आरएचटीसी में बनेगा नया जिला टीबी सेंटर: पंकज कुमार सिंह

नजफगढ़ आरएचटीसी में नया जिला टीबी सेंटर बनाकर दिल्ली में टीबी नियंत्रण को मजबूत किया जाएगा।

Update: 2026-04-11 06:45 GMT

नई दिल्ली: दिल्ली में टीबी देखभाल सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने एक अहम पहल की है। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के तहत नजफगढ़ के ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र (RHTC) में एक जिला टीबी केंद्र/चेस्ट क्लिनिक स्थापित किया जाएगा। इस केंद्र में 10 बेड वाला आईपीडी भी होगा, जहां ड्रग-सेंसिटिव और ड्रग-रेसिस्टेंट टीबी मरीजों का उपचार किया जाएगा।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि हमारी सरकार ग्राउंड लेवल पर स्वास्थ्य ढांचे को और अधिक मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। नजफगढ़ स्थित आरएचटीसी में जिला टीबी केंद्र/चेस्ट क्लिनिक का विकास इस दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सुविधा दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में टीबी मरीजों को समय पर जांच, विशेषज्ञों के परामर्श और समुचित इलाज की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करेगी।

नजफगढ़ आरएचटीसी दक्षिण-पश्चिम जिले की ग्रामीण आबादी का एक प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, जो नांगली, सकरावती, धर्मपुरा और भारत विहार समेत आसपास के क्षेत्रों के लगभग तीन से चार लाख लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। वर्तमान में कई टीबी मरीजों को विशेष सेवाओं के लिए जाफरपुर स्थित आरटीआरएम अस्पताल तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। नजफगढ़ स्थित आरएचटीसी में प्रस्तावित यह केंद्र अपने स्थान, बेहतर सड़क और मेट्रो कनेक्टिविटी के चलते मरीजों की पहुंच को बेहद आसान बनाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने आगे कहा कि ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) की उन्नत जांच सुविधाएं, समर्पित बेड और विशेषज्ञों की सेवाएं को एक ही छत के नीचे मुहैया कराकर हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि दूरी या संसाधनों की कमी के चलते कोई भी मरीज इलाज से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के कुशल नेतृत्व में हम एक बेहद उन्नत और मरीज केंद्रित स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो टीबी जैसी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों का प्रभावी समाधान कर सके।

दिल्ली राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत एक बड़े अभियान के रूप में दिल्ली सरकार ने 'टीबी मुक्त भारत' अभियान 2.0 के अंतर्गत 24 मार्च से 09 अप्रैल के बीच सिर्फ 15 दिनों में व्यापक स्तर पर काम किया। इस दौरान कुल 432 आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किए गए, जिनमें से 88 कैंप उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में लगाए गए।

इन शिविरों में 38 हजार 800 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जबकि 18 हजार 645 एक्स-रे और 12 हजार 586 एनएएटी परीक्षण किए गए। इस अभियान के दौरान 3760 टीबी मरीजों की पहचान की गई। साथ ही 1768 परिवारों से संपर्क कर टीबी का इलाज प्रदान किया गया। इसके साथ ही 302 मरीजों को निक्षय मित्र पहल के तहत फूड पैकेट दी गई। इस 'टीबी मुक्त भारत' अभियान में 42 निक्षय मित्र पंजीकृत हुए और 40 जन-प्रतिनिधियों (विधायक, सांसद और पार्षद) की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित हुई।

यह आरएचटीसी केंद्र सीबीएनएएटी (जनरल एक्सपर्ट) और ट्रूनेट जैसी उन्नत जांच सुविधाओं से युक्त होगा, जिससे टीबी, विशेषकर ड्रग-रेसिस्टेंट टीबी की त्वरित और सटीक पहचान संभव होगी। साथ ही, आसपास के डायग्नोस्टिक और उपचार केंद्रों की मौजूदगी से इलाज की निरंतरता और भी मजबूत होगी। नजफगढ़ स्थित आरएचटीसी में जिला टीबी केंद्र का विकास दिल्ली सरकार की सुलभ और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के साथ टीबी-मुक्त दिल्ली के लक्ष्य को तेजी से हासिल करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। (With inputs from IANS)

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