कैंसर के बाद पुरुषों में सेक्स से जुड़ी समस्याएँ : क्या जानें और कैसे संभालें?

कैंसर और उसका इलाज पुरुषों की सेक्स लाइफ और आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकता है| जानिये कैसे सही जानकारी और समय पर मदद से इन बदलावों को बेहतर किया जा सकता है

Medically Reviewed By :  Dr. Prem Aggarwal
Written By :  Neena Tuli
Update: 2026-03-14 12:00 GMT

एक स्वस्थ यौन जीवन महत्वपूर्ण है, लेकिन कैंसर और उसका इलाज केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि पुरुषों की सेक्स लाइफ, आत्मविश्वास और रिश्तों को भी प्रभावित कर सकता है। कई पुरुष इलाज के बाद इरेक्शन, यौन इच्छा या संतुष्टि से जुड़ी समस्याओं का सामना करते हैं। इसे कैंसर से जुड़ी यौन समस्या (Cancer-Related Sexual Dysfunction) कहा जाता है।

यह असर हर व्यक्ति में अलग होता है। यह उम्र, कैंसर के प्रकार, दिए गए इलाज और पहले के यौन स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। सही जानकारी और समय पर मदद से इन समस्याओं को काफी हद तक संभाला जा सकता है।

यह समस्या क्यों होती है?

कैंसर और उसका इलाज शरीर, हार्मोन, भावनाओं और रिश्तों पर असर डालता है। इसके मुख्य कारण हैं:

1. भावनात्मक कारण

कैंसर का पता चलने के बाद डर, चिंता, उदासी, गुस्सा या तनाव महसूस होना सामान्य है। लगातार थकान और मानसिक दबाव से यौन इच्छा कम हो सकती है।

2. रेडिएशन थेरेपी

लिंग, प्रोस्टेट, अंडकोष या मलाशय के कैंसर के इलाज में दी जाने वाली रेडिएशन थेरेपी से यौन स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। इसके कारण इरेक्शन (उत्थान) पाने या बनाए रखने में कठिनाई, ऑर्गैज़्म या वीर्य स्खलन में बदलाव हो सकता है, संवेदनशीलता में कमी हो सकती है,, तथा शुक्राणुओं की संख्या कम होना या बांझपन जैसी समस्याएँ भी हो सकती हैं।

3. कीमोथेरेपी

कीमोथेरेपी से कमजोरी, मितली और थकान होती है। कुछ दवाएँ टेस्टोस्टेरोन (पुरुष हार्मोन) कम कर सकती हैं, जिससे इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED) और यौन इच्छा में कमी हो सकती है।

4. सर्जरी

लिंग, प्रोस्टेट, अंडकोष या मलाशय की सर्जरी के बाद इरेक्शन, वीर्य स्खलन या ऑर्गैज़्म में बदलाव आ सकता है। यदि कोलन या ब्लैडर की सर्जरी के बाद पेट पर थैली (स्टोमा) लगानी पड़े, तो व्यक्ति अपने शरीर को लेकर असहज या संकोच महसूस कर सकता है, जिससे उसकी सेक्स लाइफ प्रभावित हो सकती है।

5. हार्मोन या अन्य दवाएँ

कुछ हार्मोन वाली दवाएँ इरेक्शन में दिक्कत पैदा कर सकती हैं और सेक्स की इच्छा कम कर सकती हैं। इसके अलावा, दर्द कम करने वाली दवाएँ और डिप्रेशन की दवाएँ भी यौन इच्छा और प्रदर्शन पर असर डाल सकती हैं।

इसके लक्षण क्या हो सकते हैं?

कैंसर से जुड़ी यौन समस्याएँ अलग-अलग तरीकों से सामने आ सकती हैं। सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं:

• सेक्स में रुचि कम होना

• इरेक्शन पाने या बनाए रखने में कठिनाई

• वीर्य स्खलन या ऑर्गैज़्म में बदलाव या समस्या

• संभोग के दौरान दर्द

• गर्भधारण में दिक्कत

• साथी के साथ रिश्ते में तनाव

यदि इनमें से कोई भी समस्या महसूस हो, तो बिना झिझक डॉक्टर से खुलकर बात करें।

डॉक्टर से कैसे बात करें?

कई बार डॉक्टर इस विषय पर खुद बातचीत शुरू नहीं करते, इसलिए यदि आपको यौन स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्या है तो बिना झिझक खुलकर बताएं। यह आपकी सेहत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

डॉक्टर ज़रूरत पड़ने पर:

• शारीरिक जांच कर सकते हैं (जैसे लिंग, अंडकोष, प्रोस्टेट की जांच)

• हार्मोन की जाँच कर सकते हैं

• आपके मानसिक तनाव और रिश्तों के बारे में चर्चा कर सकते हैं

खुलकर बात करने से सही सलाह और इलाज मिलना आसान हो जाता है।

उपचार के क्या-क्या विकल्प उपलब्ध हैं?

इलाज आपकी समस्या के प्रकार और गंभीरता पर निर्भर करता है। सही सलाह और समय पर उपचार से अधिकांश समस्याओं में सुधार संभव है। सामान्य उपचार विकल्प इस प्रकार हैं:

• इरेक्शन में मदद करने वाली दवाएँ (ED दवाएँ)

• जरूरत पड़ने पर पेनाइल इंजेक्शन या पेनाइल इम्प्लांट

• हार्मोन थेरेपी

• पेल्विक मांसपेशियों की एक्सरसाइज

• काउंसलिंग या सेक्स थेरेपी

• चिंता या अवसाद की दवाएँ (यदि आवश्यक हो)

• भविष्य में पिता बनने की योजना हो तो शुक्राणु सुरक्षित (स्पर्म बैंकिंग) कराना

समय पर इलाज से आत्मविश्वास और जीवन की गुणवत्ता दोनों बेहतर हो सकते हैं।

घर पर क्या ध्यान रखें?

इलाज के साथ-साथ आप घर पर कुछ सरल कदम अपनाकर अपनी सेहत और रिश्तों को बेहतर बना सकते हैं।

• जीवनशैली: नियमित हल्का व्यायाम करें, संतुलित आहार लें और स्वस्थ वजन बनाए रखें। धूम्रपान और तंबाकू से पूरी तरह दूर रहें, और शराब सीमित मात्रा में लें। स्वस्थ जीवनशैली से शरीर मजबूत होता है और यौन स्वास्थ्य में भी सुधार आता है।

• यौन जीवन: अपने साथी से खुलकर और ईमानदारी से बात करें। याद रखें, नज़दीकी केवल संभोग तक सीमित नहीं है—स्पर्श, गले लगाना और साथ समय बिताना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कौन-सी गतिविधियाँ आपके लिए सुरक्षित हैं, यह डॉक्टर से पूछें। जरूरत हो तो दंपत्ति काउंसलिंग लेने से भी मदद मिल सकती है।

• भावनात्मक देखभाल: यौन क्षमता में बदलाव आने पर निराशा या खालीपन महसूस होना सामान्य है। इन भावनाओं को दबाने के बजाय किसी भरोसेमंद व्यक्ति, सपोर्ट ग्रुप या काउंसलर से बात करें। मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक स्वास्थ्य।

कब तुरंत मदद लें?

यदि आप गहरे अवसाद, चिंता या निराशा में हैं, या खुद को नुकसान पहुँचाने के विचार आ रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर या नज़दीकी अस्पताल से संपर्क करें।

कैंसर के बाद यौन समस्याएँ आम हैं और शर्म की बात नहीं हैं। सही जानकारी, खुली बातचीत और विशेषज्ञ की मदद से आप एक संतुलित और संतोषजनक जीवन फिर से जी सकते हैं।

डिस्क्लेमर (Disclaimer):यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जन-जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, जांच या दवा लेने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से अवश्य परामर्श करें।

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