नीम हेयर थेरेपी: बार-बार रूसी कर रही परेशान, ट्राई करें आयुर्वेद में लिखी ये थेरेपी

नीम हेयर थेरेपी: बार-बार रूसी की समस्या को आयुर्वेदिक तरीके से दूर करने का सरल उपाय।

Update: 2026-02-26 04:30 GMT

नई दिल्ली: बदलते मौसम और आधुनिक जीवनशैली के चलते बालों और स्कैल्प को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बालों का झड़ना और बार-बार रूसी का लौटना सबसे आम समस्याओं में से एक है। यह केवल सौंदर्य संबंधी परेशानी नहीं है, बल्कि स्कैल्प में पोषण की कमी, बैक्टीरिया और फंगल इन्फेक्शन का संकेत भी हो सकता है।

लगातार रूसी, खुजली, सफेद परत और बालों का कमजोर होना बालों की जड़ों को प्रभावित करता है और इसके चलते बाल तेजी से झड़ने लगते हैं। ऐसे मामलों में रसायनिक शैम्पू या हेयर प्रोडक्ट्स अक्सर अस्थायी राहत ही देते हैं, जबकि समस्या का मूल कारण बना रहता है।

आयुर्वेद में इस समस्या का गहरा और प्राकृतिक उपाय नीम है। नीम को “सर्वरोगनिवारिणी” कहा गया है, और इसकी कड़वाहट ही इसकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। नीम बैक्टीरिया, फंगस और सूजन को कम करने में मदद करता है, जिससे स्कैल्प स्वस्थ रहता है और बालों को जड़ों से पोषण मिलता है। नीम हेयर थेरेपी बालों और स्कैल्प की सेहत के लिए अत्यंत लाभकारी है और इसे अपनाने के कई तरीके बताए गए हैं।

सबसे पहला उपाय नीम काढ़ा हेयर रिंस है। इसके लिए नीम के पत्तों को पानी में उबालकर ठंडा किया जाता है और शैम्पू से बाल धोने के बाद बालों पर लगाया जाता है। यह स्कैल्प की खुजली कम करता है और बालों की सफाई सुनिश्चित करता है। दूसरा उपाय है नीम-नारियल तेल थेरेपी, जिसमें सुखाए नीम पत्तों को नारियल तेल में पकाकर हफ्ते में दो बार बालों में लगाया जाता है। यह बालों की जड़ों तक पोषण पहुंचाता है और स्कैल्प के बैक्टीरिया को नियंत्रित करता है।

तीसरा उपाय नीम पाउडर हेयर मास्क है। नीम पाउडर को दही और थोड़े एलोवेरा जेल के साथ मिलाकर बालों में लगाया जाता है और आधे घंटे बाद धो लिया जाता है। यह बालों को कंडीशन करता है और रूसी को कम करता है। चौथा और अंतिम उपाय है नीम-मेथी पैक, जिसमें भीगी हुई मेथी को नीम की धुली पत्तियों के साथ पीसकर बालों पर लगाया जाता है। यह रूसी और हेयर फॉल कम करने में मदद करता है और स्कैल्प पर मौजूद बैक्टीरिया को भी घटाता है।

नियमित रूप से नीम हेयर थेरेपी अपनाने से बाल मजबूत, स्वस्थ और रूसी मुक्त रहते हैं। स्कैल्प की सफाई, पोषण और बालों की जड़ों की मजबूती सुनिश्चित होती है। साथ ही यह प्राकृतिक उपाय तनाव-मुक्त और बालों के लिए सुरक्षित भी है। आयुर्वेद में निहित इस सरल, प्राकृतिक और प्रभावी उपाय से बालों की समस्याओं से राहत पाई जा सकती है और लंबे समय तक बालों का स्वास्थ्य बेहतर रखा जा सकता है। (With inputs from IANS)

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