स्वाद और सेहत का संगम, घर पर बनाएं ये 5 तरह की हेल्दी ठंडाई
ठंडाई को कई तरह से बनाया जा सकता है. इसमें कई सारे पौष्टिक तत्व होते हैं.
होलिका दहन और रंगों के त्योहार होली की चमक ठंडाई के बिना अधूरी मानी जाती है. पारंपरिक ठंडाई में अक्सर चीनी और भारी वसा (Heavy fats) की मात्रा अधिक होती है, लेकिन अब आप स्वास्थ्य से समझौता किए बिना इसका आनंद ले सकते हैं. ठंडाई को कई तरह से बनाया जा सकता है. इसमें कई सारे पौष्टिक तत्व होते हैं. तो इस होली पर रंगों की खुशियों के साथ दें स्वाद भरे सेहत का भी संदेश.
बिना चीनी वाली गुड़ या खजूर की ठंडाई (Sugar-Free Jaggery/Dates Thandai)
सफेद चीनी की जगह आप गुड़ (Jaggery) या भीगे हुए खजूर का उपयोग कर सकते हैं. यह न केवल शरीर को आयरन प्रदान करता है, बल्कि पाचन के लिए भी बेहतरीन है. हेल्दी टिप खजूर को पीसकर दूध में मिलाने से प्राकृतिक मिठास और फाइबर मिलता है.
बादाम और ओट्स की ठंडाई (Almond & Oats Thandai)
अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो यह वर्जन आपके लिए बेस्ट है. इसमें पारंपरिक बादाम के साथ भुने हुए ओट्स (Oats) का उपयोग किया जाता है, जो इसे गाढ़ा और फाइबर से भरपूर बनाता है. इसमें स्किम्ड मिल्क या लो-फैट मिल्क का इस्तेमाल कर सकते हैं.
वीगन ठंडाई (Vegan/Dairy-Free Thandai)
जो लोग लैक्टोज इंटॉलरेंट हैं या वीगन डाइट फॉलो करते हैं, वे बादाम के दूध (Almond Milk) या नारियल के दूध (Coconut Milk) से ठंडाई बना सकते हैं. नारियल के दूध वाली ठंडाई बहुत ही रिफ्रेशिंग होती है और शरीर को हाइड्रेटेड रखती हैय
केसर-पिस्ता मसाला ठंडाई (Protein-Rich Kesar Pista Thandai)
पिस्ता और बादाम प्रोटीन के बेहतरीन स्रोत हैं। इसमें काली मिर्च, सौंफ और इलायची के साथ तरबूज के बीज (Magaz) मिलाएं. यह मिश्रण दिमाग को शांत रखता है और शरीर की गर्मी को शांत करता है. बीजों और नट्स को रात भर भिगोकर रखें ताकि उनका पोषण बढ़ जाए.
गुलाब और स्टीविया ठंडाई (Rose & Stevia Thandai)
गुलाब की पंखुड़ियां (Rose Petals) ठंडक पहुंचाती हैं. मिठास के लिए आप स्टीविया (Stevia) का उपयोग कर सकते हैं, जो ज़ीरो कैलोरी नेचुरल स्वीटनर है. यह मधुमेह (Diabetes) रोगियों के लिए एक सुरक्षित ऑप्शन है.
ठंडाई को हेल्दी बनाने के खास सीक्रेट्स
बादाम और अन्य बीजों को भिगोने से उनके 'फाइटिक एसिड' निकल जाते हैं, जिससे वे आसानी से पचते हैं. ठंडाई में सौंफ पाचन सुधारती है, काली मिर्च इम्युनिटी बढ़ाती है और इलायची मुंह की ताजगी बनाए रखती है. हमेशा ताजे और उबले हुए दूध का ही प्रयोग करें.