छोटा सा लेमन ग्रास है बड़े काम की चीज, खाने से लेकर लगाने में लाभकारी

छोटा सा लेमनग्रास पौधा खाने और स्वास्थ्य दोनों के लिए बेहद लाभकारी है।

Update: 2026-02-24 10:30 GMT

नई दिल्ली: सदियों से आयुर्वेद में औषधीय पौधों का उपयोग स्वास्थ्य और उपचार के लिए किया जाता रहा है, लेकिन आधुनिक समय में इन्हें वैज्ञानिक नामों के साथ बाजार में बेचा जा रहा है। इनमें से एक प्रमुख और लोकप्रिय औषधीय पौधा है लेमन ग्रास, जिसे आयुर्वेद में ‘भूस्तृण’ कहा जाता है। इस पौधे का उपयोग न केवल औषधीय गुणों के कारण बल्कि खाने-पीने और स्वास्थ्य लाभ के लिए भी होता है।

लेमन ग्रास का सेवन स्वास्थ्य के लिए कई तरीकों से लाभकारी है। आयुर्वेद में इसे वात, पित्त और कफ दोष को संतुलित करने वाला माना जाता है। यह जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द को कम करने में मदद करता है। इसका स्वाद हल्का कड़वा और तीखा होता है, लेकिन तासीर ठंडी होती है। इसके नियमित सेवन से नसों को शांति मिलती है और तंत्रिका तंत्र मजबूत होकर मस्तिष्क और शरीर के बीच संकेतों का आदान-प्रदान बेहतर होता है।

लेमन ग्रास के औषधीय लाभों की सूची लंबी है। यह खांसी, बुखार, तपेदिक, कुष्ठ रोग, फाइलेरिया, मलेरिया, आंखों की सूजन, मसूड़ों की सूजन, निमोनिया और रक्त की अशुद्धियों से संबंधित समस्याओं में सहायक है। इसके अलावा, लेमनग्रास का तेल पाचन क्रिया को सुधारता है, मतली और सिरदर्द को कम करता है, मासिक धर्म संबंधी परेशानियों में राहत देता है। त्वचा की समस्या होने पर इसका लेप लगाने से आराम मिलता है और यह बाहरी रूप से भी औषधीय लाभ प्रदान करता है।

लेमन ग्रास का उपयोग कई तरीकों से किया जा सकता है। सबसे आसान तरीका है इसका ताजा जूस पीना, जो शरीर को टॉक्सिन से मुक्त करने में मदद करता है और ऊर्जा तथा स्वास्थ्य बढ़ाता है। इसके अलावा, इसे चाय के रूप में पीना भी फायदेमंद होता है। कैफीन की आवश्यकता होने पर इसके बजाय लेमन ग्रास टी का सेवन किया जा सकता है, जो स्वाद और सेहत दोनों में लाभकारी है।

तनाव और नींद की परेशानी से राहत पाने के लिए लेमन ग्रास तेल का प्रयोग सबसे अच्छा माना जाता है। इसे चेहरे या माथे पर हल्की मसाज के साथ लगाया जा सकता है। इस तरह, लेमन ग्रास न केवल औषधीय गुणों में समृद्ध है बल्कि खाने और जीवनशैली में शामिल करने पर शरीर और मस्तिष्क दोनों के लिए लाभकारी है।

इस प्रकार, लेमन ग्रास को अपनी दिनचर्या में शामिल करना न केवल आयुर्वेदिक दृष्टि से लाभकारी है बल्कि यह आधुनिक जीवनशैली में प्राकृतिक और सुरक्षित उपाय के रूप में भी कार्य करता है। (With inputs from IANS)

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