अंजीर खाने के फायदे, पेट की समस्याओं से लेकर दिल की सेहत तक, जानें इस जादुई फल के बेमिसाल लाभ
अंजीर जो अपने सेहत के गुणों के लिए जाना जाता है. जाने उसके फायदे.
अंजीर जो अपने सेहत के गुणों के लिए जाना जाता है. ताज़े अंजीर नाज़ुक होते हैं और जल्दी खराब हो जाते हैं, इसलिए उन्हें सुरक्षित रखने के लिए अक्सर सुखा लिया जाता है. इससे एक मीठा और पौष्टिक सूखा फल मिलता है जिसका आनंद पूरे साल लिया जा सकता है. लेकिन इसके सेवन के आपको एक नहीं कई फायदे मिलते हैं. इनकी एक अनोखी खासियत यह है कि इनके ऊपरी हिस्से पर एक छोटी कली जैसा छेद होता है जिसे 'ऑस्टियोल' कहते हैं. इनकी प्राकृतिक मिठास का मतलब है कि, रिफाइंड चीनी के चलन से पहले, इनका इस्तेमाल अक्सर मीठा करने वाले पदार्थ के तौर पर किया जाता था.
अंजीर खाने के फायदे
फाइबर (रेशा) से भरपूर, जो पाचन स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है. स्वस्थ रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) बनाए रखने में सहायक हो सकता है. हड्डियों के लिए फायदेमंद खनिजों का एक अच्छा स्रोत. आहार की गुणवत्ता में सुधार कर सकता है और वजन मैनेजमेंट में मदद कर सकता है.
पाचन स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है
अंजीर को अक्सर अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं के लिए एक पारंपरिक उपाय के तौर पर सुझाया जाता है. अपने हाय फाइबर (रेशा) सामग्री के कारण, ये एक प्राकृतिक रेचक (laxative) के रूप में काम करते हैं. इनमें मौजूद फाइबर में प्रीबायोटिक गुण भी होते हैं, जो पेट के बैक्टीरिया को पोषण देते हैं और पेट के अंदर एक स्वस्थ वातावरण बनाते हैं; इसके परिणामस्वरूप, पाचन संबंधी सेहत में सुधार होता है.
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
अंजीर, खासकर पके हुए अंजीर, 'पॉलीफेनोल्स' नामक सुरक्षात्मक पौधों के यौगिकों से भरपूर होते हैं. इन यौगिकों में सुरक्षात्मक एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं. इसका मतलब है कि ये ऑक्सीजन को अन्य रसायनों के साथ प्रतिक्रिया करने और कोशिकाओं व ऊतकों को नुकसान पहुंचाने से रोकने में मदद करते हैं. ऐसा करके, ये ऑक्सीकरण (oxidation) को नियंत्रित करने में जरूरी भूमिका निभाते हैं.
स्वस्थ रक्तचाप बनाए रखने में सहायक हो सकता है
हममें से कई लोग बहुत ज़्यादा सोडियम (नमक) का सेवन करते हैं. सोडियम का अत्यधिक सेवन पोटेशियम की कमी का कारण बन सकता है, और इस असंतुलन से उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) की समस्या हो सकती है। फलों और सब्जियों से भरपूर आहार, जिसमें ताज़े अंजीर भी शामिल हों प्राकृतिक रूप से पोटेशियम के स्तर को बढ़ाता है; इसलिए, रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद के लिए ऐसे आहार को अपनाने की सलाह दी जाती है.
हड्डियों के स्वास्थ्य को अच्छा बनाता है
अंजीर हड्डियों के लिए फायदेमंद खनिजों, जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस, का एक अच्छा स्रोत है. अंजीर विशेष रूप से कैल्शियम से भरपूर होते हैं. कुछ अध्ययनों के अनुसार, इनमें कुछ अन्य फलों की तुलना में 3.2 गुना अधिक कैल्शियम पाया जाता है. पोटेशियम का एक अच्छा स्रोत होने के कारण, अंजीर उच्च नमक वाले आहार की वजह से मूत्र के रास्ते शरीर से बाहर निकलने वाले कैल्शियम की भरपाई करने में मदद कर सकता है. इससे हड्डियों में कैल्शियम बना रहता है और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कम हो सकता है.
खाने की क्वालिटी बेहतर हो सकती है और वजन कंट्रोल में मदद मिल सकती है. अंजीर में नैचुरली तौर पर डाइटरी फाइबर ज़्यादा होता है और यह विटामिन और मिनरल से भरपूर होता है. इसलिए, यह आपके खाने की न्यूट्रिशनल डेंसिटी को बेहतर बनाने और वजन कंट्रोल में मदद करने के लिए एक फायदेमंद चीज हो सकती है. ज़्यादा फाइबर वाले खाने से पेट भरा हुआ महसूस होता है और भूख व खाने की इच्छा कम हो सकती है, जबकि जरूरी न्यूट्रिएंट्स खून की सेहत को बनाए रखने में मदद करते हैं.
क्या अंजीर सबके लिए सुरक्षित है?
अगर आपको बर्च पॉलेन से एलर्जी है, तो आपको कुछ खास फलों, जिनमें अंजीर भी शामिल है, से क्रॉस-रिएक्टिविटी हो सकती है. अंजीर के पेड़ों में नैचुरल लेटेक्स भी होता है, जिससे कुछ लोगों को एलर्जी होती है. अगर आपको कम ऑक्सालेट वाला खाना खाने की सलाह दी गई है, तो आपको पता होना चाहिए कि अंजीर में ऑक्सालेट की मात्रा ज़्यादा होती है. इनमें विटामिन K भी भरपूर मात्रा में होता है, इसलिए अगर आपको खून पतला करने वाली दवाएं दी गई हैं, तो आपको अंजीर के साथ-साथ विटामिन K से भरपूर दूसरे खाने की चीज़ों का सेवन भी हर दिन एक जैसा रखना चाहिए.
हर किसी को अंजीर खाना पसंद नहीं आता. उदाहरण के लिए, वीगन लोग अंजीर खाने से बच सकते हैं क्योंकि कुछ किस्मों में पॉलिनेशन ततैया (wasps) द्वारा होता है, जो पॉलिनेशन की प्रक्रिया के दौरान मर जाते हैं. कमर्शियल तौर पर उगाए जाने वाले अंजीर बिना ततैया के पॉलिनेशन के उगाए जाते हैं, इसलिए उन्हें खाना ठीक माना जा सकता है. अगर आप पहली बार अंजीर खा रहे हैं, तो इसे कम मात्रा में ही खाएँ, क्योंकि ज़्यादा मात्रा में खाने से पेट साफ़ करने वाला (laxative) असर हो सकता है.