Covid New Variant: क्या फिर आने वाला है संकट? 75 म्यूटेशन वाले नए वैरिएंट पर एक्सपर्ट्स ने दी बड़ी राहत
कोरोना का एक नया वेरिएंट आ चुका है. लेकिन क्या हमें फिर से 2020 जैसे संकट के लिए तैयार रहना चाहिए?
जब ऐसा लगने लगा था कि कोरोना हमारी जिंदगी से चुपचाप विदा ले चुका है, तभी एक नए वैरिएंट ने दस्तक देकर हलचल मचा दी है. दक्षिण अफ्रीका में पहली बार पहचाने गए इस स्ट्रेन में 70 से 75 आनुवंशिक बदलाव (Mutations) देखे गए हैं. यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा (CIDRAP) की रिपोर्ट के अनुसार, यह वैरिएंट मौजूदा टीकों और पुरानी इम्युनिटी को चकमा देने में माहिर हो सकता है. लेकिन क्या हमें फिर से 2020 जैसे संकट के लिए तैयार रहना चाहिए? विशेषज्ञों का जवाब 'ना' है. आइए जानते हैं क्यों.
अब 'पैंडेमिक' नहीं, 'एंडेमिक' है कोविड
बेंगलुरु के KIMS हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. एस एम फैयाज के अनुसार, "SARS-CoV-2 का विकास जारी है. इतने अधिक म्यूटेशन यह दर्शाते हैं कि कोविड-19 अब एक 'एंडेमिक' (Endemic) वायरस बन चुका है." इसका मतलब है कि यह अब फ्लू (Flu) की तरह हमारे बीच ही रहेगा, जो समय-समय पर घटेगा और बढ़ेगा, लेकिन यह अब कोई अनजान खतरा नहीं है.
हाइब्रिड इम्युनिटी: हमारा सबसे बड़ा सुरक्षा कवच
डॉ. फैयाज बताते हैं कि आज स्थिति महामारी की शुरुआत जैसी नहीं है. आबादी के एक बड़े हिस्से में 'हाइब्रिड इम्युनिटी' विकसित हो चुकी है, जो टीकाकरण और पिछले संक्रमण के मिश्रण से बनी है. हालांकि यह वैरिएंट फिर से संक्रमित (Re-infection) कर सकता है, लेकिन हाइब्रिड इम्युनिटी के कारण बीमारी के गंभीर होने का खतरा बहुत कम है.अब हमारे पास बेहतर टेस्टिंग, एंटीवायरल दवाएं और इलाज के पुख्ता प्रोटोकॉल मौजूद हैं.
किन्हें है अधिक सावधान रहने की जरूरत?
भले ही यह वैरिएंट स्वस्थ लोगों के लिए ओमिक्रॉन जैसा 'हल्का' लग सकता है, लेकिन कुछ समूहों के लिए जोखिम बरकरार है जैसे बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं. गंभीर बीमारियों जैसे डायबिटीज या हृदय रोग) से जूझ रहे लोग.
वे मरीज जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता दवाओं के कारण कम है.
बचाव के लिए क्या करें?
- डॉक्टरों का मानना है कि पैनिक (घबराहट) होने के बजाय सतर्कता जरूरी है.
- बूस्टर डोज-हाई-रिस्क ग्रुप के लिए समय पर बूस्टर लगवाना आज भी सबसे प्रभावी हथियार है.
- जीनोमिक सर्विलांस-नए वैरिएंट्स पर नजर रखना जरूरी है ताकि अचानक आने वाले उछाल को रोका जा सके.
- समय पर जांच-लक्षण दिखने पर तुरंत टेस्ट करवाएं और डॉक्टर की सलाह लें.