क्या सुबह उठकर पी लेते हैं बहुत सारा पानी? यह आदत कर सकती है बीमार
आज के समय में सुबह की शुरुआत को लेकर कई तरह की बातें की जाती हैं.
आज के समय में सुबह की शुरुआत को लेकर कई तरह की बातें की जाती हैं। कुछ लोग तांबे के बर्तन में, तो कुछ लोग चांदी के बर्तन में ढेर सारा पानी पीने की सलाह देते हैं, लेकिन क्या सुबह उठते ही ढेर सारा पानी पी लेना सही है? पानी पीने के लाभ तो होते हैं, लेकिन इस तरीके से सुबह के वक्त ढेर सारा पानी पी लिया जाता है, वह सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है.
खाली पेट ढेर सारा पानी पीने से पाचन शक्ति पर असर पड़ता है. सुबह के वक्त पाचन अग्नि मंद होती है और उसे जागृत करने के बजाय ढेर सारा पानी पीकर मंद कर दिया जाता है. फिर नाश्ते में लिया गया आहार पचने की बजाय पेट में सड़ने लगता है. दूसरा खाना न पच पाने की वजह से पेट में आम (टॉक्सिन) की समस्या बढ़ने लगती है. पोषण शरीर को मिल नहीं पाता और पेट में कब्ज की परेशानी होने लगती है.
ज्यादा पानी पीने से शरीर पर अत्याधिक दबाव पड़ता है
तीसरी सबसे बड़ी परेशानी सुबह उठकर ज्यादा पानी पीने से शरीर पर अत्याधिक दबाव पड़ता है. इससे पेट में भारीपन की समस्या रहती है और भूख में भी कमी होती है. बहुत सारे लोगों को खाली पेट ज्यादा पानी पीने की वजह से दर्द की शिकायत भी रहती है. अब सवाल है कि क्या करें.
आयुर्वेद में अपनी प्रकृति के अनुसार पानी पीने की सलाह दी जाती है और पानी भी थोड़ी मात्रा में ही लेना चाहिए. जितनी प्यास लगे उतना ही गुनगुना पानी लें. सुबह-सुबह ही 1 लीटर पानी पीने की कोशिश न करें, क्योंकि यह भारीपन और उल्टी की वजह बन सकता है. जब प्यास लगे, तभी पानी पीए। 2 लीटर के चक्कर में एक साथ बहुत सारा पानी पीने से बचें.
बैठकर घूंट-घूंट करके पानी को पीएं
रोज थोड़ा-थोड़ा पानी को दिनचर्या में बढ़ाने की कोशिश करें. इसके साथ ही हमेशा बैठकर घूंट-घूंट करके पानी को पीएं. खड़े होकर पानी पीने से बचें. इससे पाचन शक्ति पर प्रभाव पड़ता है। गर्मी के मौसम में पानी की मात्रा बढ़ा दें, लेकिन अन्य मौसम में ज्यादा पानी पीने से बचें। सर्दियों में पूरे दिन हल्का गुनगुना पानी पिया जा सकता है, लेकिन गर्मियों में सामान्य तापमान के साथ ही पानी पिएं.
Input IANS