Fitness Tips: क्या आप अपनी उम्र से 15 साल छोटे दिखना चाहते हैं? जानें फिट रहने के सरकारी मानक और फायदे
फिटनेस पुरानी बीमारियों के जोखिम को कम करती है, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखती है और चिंता,के लक्षणों को कम करती है.
एक्सरसाइज भले ही कैलेंडर के पन्नों को पीछे न मोड़ सके, लेकिन यह बढ़ती उम्र के प्रभावों को रोकने का सबसे शक्तिशाली तरीका है. विशेषज्ञों का मानना है कि शारीरिक रूप से फिट होना न केवल आपके शरीर के लिए, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी वरदान है. कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर स्कॉट चीथम के अनुसार, "फिटनेस पुरानी बीमारियों के जोखिम को कम करती है, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखती है और चिंता व अवसाद (Depression) के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकती है."
फिटनेस का मतलब: ओलंपिक खिलाड़ी जैसा दिखना जरूरी नहीं
अक्सर लोग 'फिट' होने का मतलब केवल सिक्स-पैक एब्स या एथलीट जैसा दिखना समझते हैं. लेकिन असल में, फिटनेस का अर्थ अधिक व्यापक है. इसका मतलब है—बिना अत्यधिक थकान या मेहनत के अपनी मांसपेशियों की ताकत, सहनशक्ति, जोड़ों की गतिशीलता और लचीलेपन के साथ दैनिक कार्यों को आसानी से कर पाना. हंटिंगडन कॉलेज की प्रोफेसर मिशेल ओल्सन कहती हैं, "यदि आप फिट हैं, तो आप अपनी वास्तविक उम्र से 10 से 15 साल छोटे व्यक्ति जैसा स्वास्थ्य और ऊर्जा पा सकते हैं."
फिट रहने के लिए कितना व्यायाम है जरूरी?
अमेरिकी सरकार के 'फिजिकल एक्टिविटी गाइडलइन्स' के अनुसार, एक वयस्क को स्वस्थ रहने के लिए निम्नलिखित लक्ष्यों को पूरा करना चाहिए. हर हफ्ते कम से कम 150 से 300 मिनट की मध्यम-तीव्रता वाली एक्सरसाइज (जैसे तेज चलना) या 75 से 150 मिनट की उच्च-तीव्रता वाली एक्सरसाइज (जैसे दौड़ना).हफ्ते में कम से कम दो दिन शरीर की सभी मुख्य मांसपेशियों के लिए 'मसल-स्ट्रेंथनिंग' गतिविधियां करें.दिन भर कम बैठें और अधिक चलें-फिरें.
उम्र के साथ शरीर में होने वाले बदलाव
30 की उम्र के बाद, हमारा शरीर स्वाभाविक रूप से प्रति दशक 3% से 5% मांसपेशियां खोने लगता है. 50 की उम्र के बाद हड्डियों का घनत्व (Bone Density) भी तेजी से कम होने लगता है.डॉ. वॉल्ट थॉम्पसन बताते हैं कि अगर हम दिल और फेफड़ों पर अतिरिक्त जोर (व्यायाम के जरिए) नहीं डालते, तो उम्र बढ़ने की प्रक्रिया तेज हो जाती है. इसीलिए, 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए शारीरिक गतिविधियों के साथ-साथ बैलेंस ट्रेनिंग (संतुलन अभ्यास) भी अनिवार्य है ताकि गिरने और चोट लगने के जोखिम को कम किया जा सके.