हाथों में कंपकंपी से मांसपेशियों की जकड़न तक, पार्किंसन के शुरुआती लक्षण जानें

पार्किंसन एक धीरे-धीरे बढ़ने वाली बीमारी है, जिसमें हाथों में कंपकंपी, मांसपेशियों में जकड़न और चलने-फिरने में दिक्कत शुरुआती लक्षण हो सकते हैं,

Update: 2026-04-14 04:30 GMT

पार्किंसन एक ऐसी बीमारी है जो धीरे-धीरे शरीर की गतिविधियों को प्रभावित करती है, इसलिए शुरुआती लक्षणों को समय पर पहचानना बेहद जरूरी है। हाथों में कंपकंपी, मांसपेशियों में अकड़न और चलने-फिरने में परेशानी इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है।

हर साल 11 अप्रैल को विश्व पार्किंसन दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य इस बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है।

पार्किंसन एक न्यूरोलॉजिकल यानी तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारी है, जिसमें मस्तिष्क की वे कोशिकाएं प्रभावित होती हैं जो शरीर की गतिविधियों को नियंत्रित करती हैं। इस स्थिति में मस्तिष्क में डोपामाइन नामक रसायन की कमी हो जाती है, जिससे मांसपेशियों का नियंत्रण प्रभावित होता है। यह रोग अधिकतर 60 वर्ष से ऊपर के लोगों में देखा जाता है, हालांकि कुछ मामलों में यह युवाओं में भी हो सकता है।

इसके प्रमुख लक्षणों में हाथ-पैरों में कंपकंपी, शरीर में जकड़न, चलने-फिरने और उठने-बैठने में धीमापन या असंतुलन, लिखने में कठिनाई, शरीर का झुकाव, आंखों का कम झपकना और चेहरे के भावों में कमी शामिल हैं।

शुरुआत में ये लक्षण हल्के होते हैं, इसलिए लोग अक्सर इन्हें उम्र बढ़ने का सामान्य हिस्सा मानकर अनदेखा कर देते हैं।

नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, समय पर पहचान और इलाज से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है। दवाओं, फिजियोथेरेपी और जीवनशैली में सुधार के जरिए मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि किसी व्यक्ति को हाथों में लगातार कंपकंपी, मांसपेशियों में अकड़न या चलने में दिक्कत महसूस हो, तो तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए। शुरुआती इलाज से रोग के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

With Inputs From IANS

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