तेज बुखार और जोड़ों में दर्द हो सकता है चिकनगुनिया का संकेत, बरतें ये सावधानी

तेज बुखार और जोड़ों में दर्द होना चिकनगुनिया की शुरुआत हो सकता है, इसलिए समय रहते सावधानी बरतना जरूरी है।

Update: 2026-04-03 04:30 GMT

नई दिल्ली: चिकनगुनिया एक मच्छर जनित बीमारी है। यदि अचानक तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, कमजोरी, सिरदर्द, मतली या कभी-कभी चकत्तेदार दाने दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज न करें—ये चिकनगुनिया के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।

इस बीमारी के लक्षण आमतौर पर मच्छर के काटने के 3-7 दिन बाद दिखाई देते हैं। शुरुआत में तेज बुखार, शरीर में दर्द और थकान होती है। इसके साथ-साथ कुछ लोगों को मुंह में स्वाद की कमी, उल्टी, जी मिचलाना और हल्के चकत्तेदार दाने भी दिख सकते हैं। चिकनगुनिया का खास लक्षण यह है कि इसमें जोड़ों में दोनों तरफ दर्द होता है और कभी-कभी यह महीनों तक रह सकता है। इसलिए इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है।

नवजात शिशु, बुजुर्ग (65 साल से ऊपर) और हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या हृदय रोग जैसी बीमारियों से ग्रस्त लोगों में इसका खतरा अधिक रहता है। यदि आप इनमें से हैं या लक्षण गंभीर हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। गंभीर लक्षणों में लगातार उल्टी, दस्त, कमजोरी, चक्कर या खून की समस्या शामिल हो सकती है।

चिकनगुनिया से बचाव का सबसे आसान तरीका है मच्छरों से सुरक्षा। घर में पानी जमने न दें, सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, लंबी आस्तीन और पैंट पहनें और मच्छर भगाने वाली क्रीम या तेल लगाएं। नीम, लेमन ग्रास और दालचीनी के तेल से भी मच्छरों को दूर रखा जा सकता है।

खानपान का ध्यान रखना भी जरूरी है। हल्का, पोषणयुक्त, गर्म और आसानी से पचने वाला खाना खाएं। ठंडी चीजों और अधिक तैलीय खाने से बचें। पर्याप्त आराम और नींद लें। हर्बल उपायों में गुदूची, तुलसी और धनिया का सेवन फायदेमंद होता है।

आराम के साथ कुछ आयुर्वेदिक दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। अमृतारिष्ट, संजीवनी वटी, योगराज गुग्गुलु और पपीते के पत्तों का रस शरीर को जल्दी ठीक करने में मदद करते हैं। जोड़ों के दर्द और थकान के लिए हल्की एक्सरसाइज और मसाज भी सहायक होती हैं।

अधिकतर मरीज 1 हफ्ते के भीतर ठीक हो जाते हैं, लेकिन जोड़ों का दर्द कभी-कभी महीनों तक रह सकता है। इसलिए पूरी तरह ठीक होने तक शरीर को जल्दी थकाने वाले काम से बचें। (With inputs from IANS)

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