कम नींद, ज्यादा वजन: क्या आप जानते हैं कि अधूरी नींद आपको मोटा बना रही है?
यह साबित हो चुका है कि कम सोने से शरीर में वजन बढ़ने का एक मेन कारण हो सकते हैं.
अगर आप डाइट और एक्सरसाइज पर ध्यान दे रहे हैं लेकिन नींद की कमी है, तो आपका वजन कम होना मुश्किल है. वैज्ञानिक शोधों से यह साबित हो चुका है कि कम सोने से शरीर में वजन बढ़ाने वाले कारकों का एक ऐसा 'नुस्खा' तैयार होता है, जिसे रोक पाना कठिन होता है.
नींद की कमी और आपका 'सोता हुआ' दिमाग
अधूरी नींद आपके दिमाग को गलत फैसले लेने के लिए मजबूर करती है. यह दिमाग के फ्रंटल लोब (Frontal Lobe) की सक्रियता को कम कर देती है, जो निर्णय लेने और आवेग नियंत्रण (Impulse Control) का केंद्र है. नींद की कमी में आपका दिमाग वैसा ही व्यवहार करता है जैसे नशे की हालत में. जब आप थके होते हैं, तो दिमाग का 'रिवॉर्ड सेंटर' सक्रिय हो जाता है. ऐसे में आप हाई-कार्ब्स और अधिक फैट वाले जंक फूड (जैसे केक, चिप्स) को मना नहीं कर पाते. एक शोध के अनुसार, कम सोने वाले लोग सामान्य से दोगुना ज्यादा फैट वाला खाना चुनते हैं.
मेटाबॉलिज्म पर प्रहार
नींद आपके दिमाग के लिए पोषण की तरह है. ज्यादातर लोगों को 7 से 9 घंटे की नींद की जरूरत होती है. इससे कम सोने पर शरीर में कई बदलाव होते हैं. नींद की कमी से स्ट्रेस हार्मोन 'कोर्टिसोल' बढ़ जाता है, जो शरीर को ऊर्जा बचाने (फैट जमा करने) का संकेत देता है. एक अध्ययन में पाया गया कि जब डाइट करने वालों ने नींद कम की, तो उनके फैट लॉस की दर 55% तक गिर गई, भले ही कैलोरी उतनी ही ली गई थी. मात्र 4 दिन की कम नींद शरीर की इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता को 30% तक कम कर देती है. जब शरीर इंसुलिन को ठीक से प्रोसेस नहीं कर पाता, तो वह खून से फैट को ऊर्जा में बदलने के बजाय उसे स्टोर करने लगता है.
बेहतर नींद के लिए 5 जरूरी टिप्स
- सोने से कम से कम एक घंटा पहले फोन, टीवी और कंप्यूटर बंद कर दें.
- बेडरूम को केवल सोने और आराम के लिए रखें, काम या मनोरंजन के लिए नहीं.
- हर दिन सोने और जागने का एक ही समय तय करें.
- रात में भारी भोजन और शराब से बचें. दोपहर 2 बजे के बाद कैफीन (चाय, कॉफी, चॉकलेट) का सेवन न करें.
- अंधेरा शरीर में मेलाटोनिन (नींद का हार्मोन) रिलीज करने में मदद करता है.