रोज डे : महज प्रेम की अभिव्यक्ति नहीं, सेहत के लिए भी वरदान है गुलाब
“रोज डे पर गुलाब केवल प्यार का प्रतीक नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी लाभकारी है।”
नई दिल्ली: वैलेंटाइन वीक की शुरुआत रोज डे के साथ हो चुकी है, और इस दिन गुलाब के फूलों का महत्व केवल प्रेम के प्रतीक तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत फायदेमंद माना जाता है। आयुर्वेद में गुलाब को ठंडी तासीर वाला माना जाता है, जो शरीर की गर्मी को कम करता है और शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य दोनों में राहत प्रदान करता है।
गुलाब से बना गुलकंद पेट और पाचन से जुड़ी समस्याओं में कारगर है। इसमें मौजूद प्राकृतिक लैक्सेटिव गुण कब्ज को कम करने में मदद करते हैं, जबकि जठराग्नि की अधिक गर्मी, एसिडिटी और अल्सर जैसी परेशानियों में भी यह राहत देता है। नियमित रूप से गुलकंद का सेवन पित्त दोष को संतुलित रखता है और गर्मियों में होने वाली नकसीर, थकान और पेट की गर्मी जैसी समस्याओं को कम करता है।
त्वचा की देखभाल के लिए भी गुलाब बेहद उपयोगी है। देसी गुलाब की पंखुड़ियों को पीसकर इसमें हल्दी और दूध मिलाकर फेस पैक बनाने से चेहरे के दाग-धब्बे, मुंहासे और एलर्जी कम होती है, और त्वचा चमकदार बनती है। इसके अलावा, गुलाब का तेल माइग्रेन और तेज सिरदर्द में राहत देता है; सिरदर्द होने पर गर्म पानी में 4-5 बूंदें गुलाब तेल की भाप लेने से दर्द कम होता है और तनाव भी घटता है।
आयुर्वेद में गुलाब के सात्विक गुण मानसिक शांति देने में मदद करते हैं। यह चिंता, तनाव और अनिद्रा जैसी समस्याओं में राहत प्रदान करता है और हृदय व मन दोनों का पोषण करता है। महिलाओं के लिए गुलकंद विशेष रूप से लाभकारी है, क्योंकि यह पीरियड्स की अनियमितता, अत्यधिक रक्तस्राव और पित्त से जुड़ी परेशानियों को कम करता है। गर्भवती महिलाओं में पेट की जलन और गर्मी को शांत करने में भी यह सहायक है, और मुंह के छालों को ठीक करने में भी प्रभावी है।
गुलाब और गुलकंद का नियमित सेवन न केवल शरीर को ताजगी और ऊर्जा देता है, बल्कि मानसिक शांति और संतुलन बनाए रखने में भी मददगार साबित होता है। (With inputs from IANS)