लंबी उम्र का राज: बस 150 मिनट का व्यायाम बदल सकता है आपकी जिंदगी! जानें क्या कहती है नई रिसर्च
हाल ही में हुए एक बड़े शोध और अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन के आंकड़ों ने एक बहुत ही सरल जवाब दिया है. हफ्ते में लगभग 150 मिनट
क्या आपने कभी सोचा है कि स्वस्थ रहने के लिए वास्तव में कितने व्यायाम की जरूरत है? हाल ही में हुए एक बड़े शोध और अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन (AMA) के आंकड़ों ने एक बहुत ही सरल जवाब दिया है. हफ्ते में लगभग 150 मिनट. अध्ययन के अनुसार, अगर आप सप्ताह में केवल ढाई घंटे शारीरिक गतिविधि (Physical Activity) करते हैं, तो आप अकाल मृत्यु के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं और अपनी उम्र बढ़ा सकते हैं.
150 मिनट का गणित: आसान और प्रभावी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, 150 मिनट के लक्ष्य को पूरा करना बहुत कठिन नहीं है. इसे आप दिन में केवल 30 मिनट, हफ्ते में पांच दिन के रूप में बांट सकते हैं. इसके लिए आपको जिम में घंटों पसीना बहाने या कठिन वर्कआउट की जरूरत नहीं है. ये गतिविधियां हैं सबसे असरदार जैसे, तेज चलना (Brisk Walking), साइकिल चलाना, तैराकी (Swimming), डांस करना या सक्रिय खेल. शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग नियमित रूप से इतनी गतिविधि करते हैं, उनमें हृदय रोगों (Cardiovascular Disease) से मरने का खतरा सबसे कम होता है.
ज्यादा व्यायाम, ज्यादा फायदा?
हालांकि 150 मिनट एक आधार रेखा (Baseline) है, लेकिन शोध यह भी बताता है कि इससे अधिक करने पर लाभ और भी बढ़ जाते हैं. जो लोग सप्ताह में 300 से 600 मिनट मध्यम व्यायाम करते हैं, उनमें मृत्यु का जोखिम 26-31% तक कम देखा गया. दौड़ना या तेज साइकिल चलाना जैसी गतिविधियों से हृदय स्वास्थ्य को अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है.
व्यायाम: एक शक्तिशाली 'दवा'
वैज्ञानिकों का मानना है कि व्यायाम एक ऐसी 'दवा' है जिसका मुकाबला कोई अन्य औषधि नहीं कर सकती। यह शरीर पर कई तरह से काम करता है. यह रक्तचाप (Blood Pressure) और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है. यह ब्लड शुगर को रेगुलेट कर टाइप-2 डायबिटीज और मोटापे से बचाता है. एरोबिक एक्टिविटी तनाव कम करती है, मूड सुधारती है और बढ़ती उम्र में दिमाग को तेज रखती है.
कभी भी शुरुआत करना है फायदेमंद
इस रिसर्च की सबसे उत्साहजनक बात यह है कि शुरुआत करने में कभी देर नहीं होती. अगर आप अब तक निष्क्रिय (Inactive) रहे हैं, तब भी मध्यम आयु या उसके बाद सक्रिय होने से मृत्यु दर के जोखिम को 20-25% तक कम किया जा सकता है.