Smartwatch से होगी डायबिटीज की शुरुआती पहचान, Google Research ने विकसित किया नया AI मॉडल 'IR Agent'

अब, आपकी कलाई पर बंधी स्मार्टवॉच भविष्य में होने वाली डायबिटीज का संकेत दे सकती है, जानिए कैसे.

Update: 2026-03-19 14:15 GMT

डायबिटीज दुनिया भर में एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है. अक्सर इसके लक्षणों का पता तब चलता है जब बीमारी काफी बढ़ चुकी होती है. लेकिन अब, आपकी कलाई पर बंधी स्मार्टवॉच भविष्य में होने वाली डायबिटीज का संकेत दे सकती है. प्रतिष्ठित 'नेचर' (Nature) जर्नल में जारी गूगल रिसर्च (Google Research) के एक नए स्टडी ने डिजिटल स्वास्थ्य की दुनिया में क्रांति ला दी है.

इंसुलिन रेजिस्टेंस (IR) की सटीक पहचान

साइंस्टिस ने 1,165 प्रतिभागियों के डेटा का विश्लेषण कर इंसुलिन रेजिस्टेंस (Insulin Resistance) का पूर्वानुमान लगाने का एक सुलभ ढांचा तैयार किया है. इंसुलिन रेजिस्टेंस वह कंडिशन है जहां शरीर की सेल्स इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पातीं, जिससे आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज, हृदय रोग और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है. रिसर्चर ने स्मार्टवॉच से प्राप्त संकेतों, जनसांख्यिकीय जानकारी (Demographics) और नियमित ब्लड टेस्ट (जैसे फास्टिंग ग्लूकोज और लिपिड प्रोफाइल) के डेटा को मिलाया. प्रयोगों से पता चला कि केवल फास्टिंग ग्लूकोज के आधार पर इंसुलिन रेजिस्टेंस का सही अनुमान लगाना मुश्किल है। इसमें जीवनशैली (Lifestyle) से जुड़े कारकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है.

'IR Agent' आपका पर्सनल हेल्थ एडवाइजर

गूगल की टीम ने एक लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) विकसित किया है जिसे 'IR Agent'नाम दिया गया है. यह मॉडल स्मार्टवॉच के डेटा (नींद, गतिविधि और हृदय गति) को ब्लड बायोमार्कर्स के साथ जोड़ता है. यह न केवल मेटाबॉलिक स्वास्थ्य का विश्लेषण करता है, बल्कि यूजर को पर्सनलाइज्ड (व्यक्तिगत) सुझाव भी देता है. इसका उद्देश्य करोड़ों लोगों तक पहुंच बनाना है ताकि समय रहते जीवनशैली में बदलाव कर डायबिटीज को रोका जा सके.

मेटाबॉलिक स्वास्थ्य की 'मूवी'

यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के क्रिस्टोफर एम. हार्टशॉर्न ने इस स्टडी की सराहना करते हुए कहा कि यह स्वास्थ्य का केवल एक 'स्नैपशॉट' (फोटो) नहीं, बल्कि एक 'मूवी' की तरह है. स्मार्टवॉच लगातार डेटा एकत्र करती है, जो समय के साथ हमारी शारीरिक गतिविधियों, नींद और हृदय की कार्यप्रणाली में होने वाले उतार-चढ़ाव को कैद करती है. यह डेटा बताता है कि हमारा शरीर मेटाबॉलिक बदलावों को कैसे कंट्रोल कर रहा है.

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