पैरों की सूजी नसें दे रही हैं दर्द? अपनाएं ये आसान उपाय, मिलेगी राहत
पैरों की सूजी नसों और दर्द से राहत पाने के लिए कुछ आसान घरेलू और जीवनशैली उपाय अपनाएं।
नई दिल्ली: पैरों की नसों में सूजन यानी वैरिकोज वेन्स एक गंभीर समस्या है, जिसे अक्सर लोग थकान, हल्की सूजन या उम्र बढ़ने का असर समझकर अनदेखा कर देते हैं। जब नसें कमजोर हो जाती हैं और खून का प्रवाह सही ढंग से नहीं होता, तो नसें सूज जाती हैं, टेढ़ी-मेढ़ी दिखने लगती हैं और दर्द, जलन तथा भारीपन का अनुभव होता है।
आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों मानते हैं कि यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ती है, लेकिन सही देखभाल और जीवनशैली अपनाकर इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
आयुर्वेद के अनुसार, पैरों की सूजी नसें मुख्य रूप से वात दोष और रक्त संचार की कमजोरी से जुड़ी होती हैं। जब शरीर में वात असंतुलित हो जाता है, तो नसों में सूखापन और कमजोरी आ जाती है। वहीं विज्ञान कहता है कि नसों में मौजूद वाल्व कमजोर होने पर खून नीचे की ओर जमा होने लगता है, जिससे सूजन बढ़ती है। इसे रोकने के लिए नियमित देखभाल और कुछ आदतें अपनाना बेहद जरूरी है।
कंप्रेशन स्टॉकिंग्स एक प्रभावी उपाय हैं। यह विशेष प्रकार की जुराबें नसों पर हल्का दबाव डालती हैं, जिससे खून ऊपर की ओर बहने में मदद मिलती है और सूजन धीरे-धीरे कम होती है। नियमित पहनने से पैरों में दर्द और भारीपन भी कम महसूस होता है।
पैरों को ऊपर उठाकर सोना भी फायदेमंद है। लेटते समय पैरों के नीचे तकिया रखने से खून का प्रवाह बेहतर होता है, नसों पर दबाव कम होता है और सूजन घटती है। आयुर्वेद इसे शरीर को प्राकृतिक विश्राम देने का तरीका मानता है।
संतुलित और पोषक भोजन भी जरूरी है। हल्का, पचने में आसान और विटामिन- और फाइबर-युक्त आहार नसों को मजबूत बनाता है और सूजन घटाता है। हरी सब्जियां, फल, दालें और पर्याप्त पानी पीने से शरीर से अतिरिक्त तरल बाहर निकलता है।
नियमित व्यायाम इस समस्या का रामबाण उपाय है। रोजाना टहलना, हल्की स्ट्रेचिंग और पैरों से संबंधित एक्सरसाइज मांसपेशियों को सक्रिय रखते हैं। चलती मांसपेशियां नसों को दबाकर खून को ऊपर की ओर धकेलती हैं और सूजन कम करती हैं।
इस प्रकार, सही जीवनशैली, व्यायाम और आयुर्वेदिक सुझावों को अपनाकर पैरों की सूजी नसों और उससे जुड़ी परेशानियों में काफी हद तक राहत पाई जा सकती है। (With inputs from IANS)