पलाश के पेड़ से निकलने वाला जादुई लाल गोंद, शरीर को अंदर से देता है पोषण

पलाश का लाल गोंद शरीर को अंदर से पोषण देने वाली आयुर्वेदिक औषधि है।

Update: 2026-01-15 05:00 GMT

नई दिल्ली: पलाश के वृक्ष से प्राप्त लाल गोंद को ढाक गोंद या कमरकस के नाम से भी जाना जाता है। यह केवल अपने आकर्षक लाल रंग के लिए ही नहीं, बल्कि अपने बेहतरीन औषधीय गुणों के कारण भी खास माना जाता है। खासतौर पर महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए इसे बेहद लाभकारी और प्राकृतिक वरदान माना जाता है।

ढाक गोंद का सेवन शरीर को भीतर से मजबूती प्रदान करता है। यह कमर और पीठ दर्द में राहत देने के साथ-साथ शारीरिक कमजोरी को दूर करने में मदद करता है। सर्दियों के मौसम में इसे घी, आटा और थोड़ी-सी चीनी मिलाकर लड्डू या पंजीरी के रूप में तैयार कर खाया जाता है, जिससे शरीर को गर्माहट और भरपूर ऊर्जा मिलती है।

यह गोंद सिर्फ ताकत बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि त्वचा और बालों की सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद है। इसके नियमित सेवन से त्वचा में प्राकृतिक निखार आता है और वह लंबे समय तक जवान नजर आती है। वहीं बाल मजबूत, घने और स्वस्थ बनते हैं। इसमें मौजूद प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट शरीर को अंदर से पोषण देते हैं और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में सहायक होते हैं।

ढाक गोंद पाचन तंत्र के लिए भी लाभकारी है। यह हल्के दस्त, पेट दर्द और अन्य पाचन संबंधी परेशानियों में आराम दिलाने में मदद करता है। इसी वजह से पुरानी पीढ़ी इसे ‘कमरकस’ कहती थी। यह कमर और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ जोड़ों और घुटनों के दर्द में भी राहत देता है।

आज के समय में लोग इसे सिर्फ लड्डू के रूप में ही नहीं, बल्कि हेल्थ टॉनिक की तरह भी इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी प्राकृतिक मिठास और पोषक तत्व इसे हर उम्र के लोगों के लिए उपयुक्त बनाते हैं।

यदि आप शरीर को अंदर से मजबूत बनाना चाहते हैं, थकान और कमजोरी से छुटकारा पाना चाहते हैं और साथ ही त्वचा व बालों की देखभाल भी करना चाहते हैं, तो ढाक गोंद एक बेहतरीन प्राकृतिक विकल्प है। यह कोई साधारण गोंद नहीं, बल्कि प्रकृति की ओर से मिला ऐसा उपहार है, जो अनेक स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। सर्दियों में इसे अपनी डाइट में शामिल करना सेहत के लिए खास तौर पर फायदेमंद माना जाता है। (With inputs from IANS)

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