दिमाग को शांत और रीढ़ को मजबूत बनाने के लिए रोज करें पादहस्तासन

पादहस्तासन रोज करने से मस्तिष्क शांत होता है और रीढ़ की हड्डी मजबूत बनती है।

Update: 2026-03-03 11:00 GMT

नई दिल्ली: नियमित योगाभ्यास न केवल शरीर को लचीला बनाता है, बल्कि मन को भी हल्का और शांत बनाए रखता है। योग के कई आसनों में से एक प्रमुख और प्रभावी आसन है पादहस्तासन, जिसके नियमित अभ्यास से शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के लाभ मिलते हैं।

पादहस्तासन में खड़े होकर आगे की ओर झुकना और हाथों से पैरों को छूने का प्रयास किया जाता है। हठयोग परंपरा में इसे विशेष महत्व दिया गया है। प्राचीन मान्यता के अनुसार, यह सूर्य नमस्कार का हिस्सा रहा है और सूर्य की ऊर्जा ग्रहण करने तथा शरीर में प्राणशक्ति बढ़ाने में सहायक होता है।

योग विशेषज्ञ बताते हैं कि इस आसन से न केवल शरीर की लचीलापन बढ़ती है, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होता है। आधुनिक जीवनशैली में जहां अधिकतर समय हम मोबाइल या कंप्यूटर के सामने झुके रहते हैं, पादहस्तासन रीढ़ की हड्डी को राहत देता है और पूरे शरीर में ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाता है।

आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह आसन रीढ़ को मजबूत बनाने, पाचन सुधारने और पेट की चर्बी घटाने में मदद करता है। यह पेट के अंगों को मालिश करता है, जिससे कब्ज और मासिक धर्म की तकलीफों में आराम मिलता है। पादहस्तासन करने से सिर की तरफ रक्त प्रवाह बढ़ता है, जिससे दिमाग और आंखों को लाभ होता है और मानसिक शांति आती है।

योग करते समय हमेशा अपनी क्षमता का ध्यान रखें। जरूरत से ज्यादा खिंचाव या जबरदस्ती शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए इसे अपनी सुविधा और गति के अनुसार ही करना चाहिए। गंभीर बीमारी, हालिया सर्जरी या गर्भावस्था में पादहस्तासन करने से पहले योग विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है। (With inputs from IANS)

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