बदलते मौसम में बार-बार बीमार क्यों पड़ते हैं बच्चे? जानें इसके पीछे का विज्ञान और बचाव के उपाय: डॉ इंदु खोसला

माता-पिता अक्सर परेशान हो जाते हैं कि बिना किसी बाहरी संपर्क, जंक फूड के बच्चा बीमार कैसे हो गया, यह कोई संयोग नहीं है.

Update: 2026-02-20 04:30 GMT

हर बार जब मौसम करवट लेता है, तो कई घरों में एक ही चिंता सताने लगती है. जो बच्चा कुछ दिन पहले तक खुशी-खुशी खेल रहा था, वह अचानक बंद नाक, आंखों में पानी या खांसी के साथ उठता है. माता-पिता अक्सर परेशान हो जाते हैं कि बिना किसी बाहरी संपर्क या जंक फूड के बच्चा बीमार कैसे हो गया? यह कोई संयोग नहीं है. मौसम का बदलाव बच्चों के शरीर, खासकर उनके श्वसन तंत्र (Respiratory System) पर गहरा प्रभाव डालता है.

इम्युनिटी कमजोर नहीं, बल्कि विकसित हो रही है

बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कमजोर नहीं, बल्कि 'सीखने' की अवस्था में होती है. वयस्कों के उल्ट, बच्चों का शरीर अभी तक समाज में मौजूद अलग-अलग वायरसों से नहीं लड़ा है. हर संक्रमण उनके शरीर के लिए एक 'प्रैक्टिस राउंड' की तरह होता है, जो भविष्य में खतरों को पहचानने में उनकी मदद करता है.

नाक और गला: सुरक्षा की पहली परत

बच्चों का ऊपरी श्वसन मार्ग बहुत संवेदनशील होता है. उमस के बाद अचानक शुष्क हवा या गर्म दोपहर के बाद ठंडी शाम नाक और गले की कोमल झिल्ली में जलन पैदा कर सकती है. जब यह सुरक्षात्मक परत सूख जाती है, तो वायरसों के लिए शरीर में प्रवेश करना आसान हो जाता है.

वायरस फैलने के अन्य कारण

  • मौसम के साथ बच्चों की जीवनशैली भी बदलती है, जो अनजाने में बीमारियों को न्योता देती है.
  • बारिश या अत्यधिक ठंड के कारण बच्चे ज्यादा समय अंदर बिताते हैं, जहां वेंटिलेशन कम होता है.
  • छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने पर वायरस एक बच्चे से दूसरे में तेजी से फैलते हैं.
  • नींद में खलल, पानी की कमी या अनियमित खान-पान से शरीर की आंतरिक सुरक्षा धीमी पड़ जाती है.

बार-बार बीमार होना सामान्य क्यों है?

शुरुआती वर्षों में वायरल संक्रमण बच्चों की सबसे आम बीमारियों में से एक है. ज्यादातर संक्रमण हल्के होते हैं और कुछ ही दिनों में ठीक हो जाते हैं. हर बार बीमार होने पर शरीर की इम्यून मेमोरी (Immune Memory) मजबूत होती है, जिससे समय के साथ बीमार पड़ने की आवृत्ति कम हो जाती है. अधिकांश मामलों में एंटीबायोटिक्स की जरूरत नहीं होती है.

अभिभावकों के लिए बचाव के सुझाव

  • संक्रमण को पूरी तरह रोकना मुमकिन नहीं, लेकिन कुछ उपायों से बच्चों की लड़ने की शक्ति बढ़ाई जा सकती है.
  • उतार-चढ़ाव वाले तापमान में बच्चों को परतों में कपड़े पहनाएं.
  • प्यास न लगने पर भी बच्चों को पानी और जूस देते रहें.
  • नियमित रूप से हाथ धोने की आदत संक्रमण को काफी हद तक कम करती है.
  • ताजे फल, सब्जियां और पर्याप्त नींद इम्युनिटी के लिए रामबाण हैं.
  • प्रदूषण और सिगरेट के धुएं से बच्चों को दूर रखें.

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