दिमाग को जवान रखेगी आपकी सुबह की कॉफी, रिसर्च में खुलासा, कॉफी और चाय से कम होता है डिमेंशिया का खतरा

सुबह की चाय या कॉफी केवल आपको तरोताजा ही नहीं करती है, बल्कि आपके दिमाग को समय के साथ लेकर चलती है.

Update: 2026-02-16 07:30 GMT

आपकी सुबह की एस्प्रेसो या चाय का कप केवल आपकी सुस्ती ही दूर नहीं करता, बल्कि यह आपके दिमाग को जवान रखने (Healthy Brain Aging) में भी मदद कर सकता है. जर्नल ऑफ द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन (JAMA) में 9 फरवरी को प्रकाशित एक बड़े अमेरिकी स्टडी के अनुसार, नियमित रूप से सीमित मात्रा में कैफीन युक्त कॉफी या चाय पीने वाले लोगों में डिमेंशिया (Dementia) विकसित होने की संभावना कम होती है.

43 साल तक चला दुनिया की बड़ी स्टडी

यह रिसर्च दो बड़े स्वास्थ्य ग्रुपों, 'नर्स हेल्थ स्टडी' और 'हेल्थ प्रोफेशनल्स फॉलो-अप स्टडी' के आंकड़ों पर आधारित है. इसमें 1,31,821 वयस्कों को लगभग 43 वर्षों तक ट्रैक किया गया. 18% कम जोखिम, जो लोग रोजाना 2 से 3 कप कैफीन युक्त कॉफी पीते थे, उनमें डिमेंशिया का खतरा कम पीने वालों की तुलना में 18% कम पाया गया.रोजाना 1 से 2 कप चाय पीने वालों में भी इसी तरह का सकारात्मक प्रभाव देखा गया. कैफीन के सेवन से याददाश्त में गिरावट की शिकायतें कम मिलीं और संज्ञानात्मक परीक्षणों (Cognitive Tests) में विशेषकर महिलाओं ने बेहतर प्रदर्शन किया. बिना कैफीन वाली कॉफी में ऐसा कोई लाभ नहीं देखा गया.

विशेषज्ञों की राय, क्या कहते हैं भारतीय डॉक्टर?

एम्स (AIIMS), नई दिल्ली की न्यूरोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. मंजरी त्रिपाठी के अनुसार, दोपहर 2 बजे से पहले सीमित मात्रा में कॉफी का सेवन डिमेंशिया और पार्किंसंस जैसी न्यूरो degenerative बीमारियों के जोखिम को कम कर सकता है. हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि ये बीमारियाँ जटिल हैं और इनमें जेनेटिक्स, मोटापा, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर जैसे कई कारकों की भूमिका होती है.

डॉ. त्रिपाठी ने चेतावनी दी कि बहुत अधिक कैफीन नींद खराब कर सकता है और दिल की धड़कन से जुड़ी समस्याएं पैदा कर सकता है. देर शाम कॉफी पीने से अनिद्रा (Insomnia) हो सकती है, जो खुद याददाश्त को प्रभावित करती है.

भारतीय संदर्भ में चाय बनाम कॉफी

फोर्टिस अस्पताल, गुरुग्राम के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रवीण गुप्ता ने बताया कि भारत में कॉफी के बजाय चाय का सेवन अधिक किया जाता है. चीन और जापान के छोटे अध्ययनों से पता चलता है कि ग्रीन टी मानसिक गिरावट को कम करने में सहायक हो सकती है. उन्होंने सुझाव दिया कि 1 से 3 कप चाय या कॉफी ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित है, लेकिन जिन्हें एंजायटी, एसिड रिफ्लक्स, या हाई बीपी की समस्या है, उन्हें कैफीन से परहेज करना चाहिए या अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.

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