जन औषधि दिवस पर नेताओं ने दी बधाई, सस्ती जेनरिक दवाओं की पहल को बताया गरीबों के लिए वरदान

जन औषधि दिवस पर नेताओं ने सस्ती जेनरिक दवाइयों की पहल को गरीबों के लिए वरदान बताया।

Update: 2026-03-07 07:15 GMT

नई दिल्ली: देशभर में जन औषधि दिवस के अवसर पर जेनेरिक दवाओं के प्रति जनता में जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित कई नेताओं ने लोगों को इस दिन की शुभकामनाएं दीं और प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना की सराहना की।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में संचालित इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य गरीबों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाना और उन्हें दवाइयों की उच्च लागत से राहत देना है। उन्होंने लिखा कि इस योजना के तहत आम जनता को औसत बाजार मूल्य की तुलना में 50 से 90 प्रतिशत तक सस्ती दवाइयाँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। नितिन गडकरी ने यह भी कहा कि जन औषधि केंद्रों की स्थापना न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाती है, बल्कि रोजगार सृजन में भी मददगार साबित हो रही है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी 'एक्स' पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के परिणामस्वरूप आम जनता अब सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनरिक दवाइयाँ आसानी से प्राप्त कर रही है। उन्होंने कहा कि यह पहल गरीबों के लिए एक “संकट की साथी” बनकर उभरी है और स्वस्थ व सशक्त भारत की नींव को मजबूत कर रही है।

केंद्रीय राज्य मंत्री और उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि देशभर में 18,660 से अधिक जन औषधि केंद्र स्थापित किए गए हैं, जो हर नागरिक को इलाज सुलभ और किफायती बनाने में मददगार हैं। इन केंद्रों पर 2,110 गुणवत्तापूर्ण दवाइयाँ, 315 सर्जिकल उपकरण और अन्य उपभोग्य सामग्री उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सेहत अब हर किसी का अधिकार और हर घर के लिए बचत का उपहार बन गई है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इस अवसर पर जनता को बधाई दी और कहा कि जन औषधि केंद्रों की सौगात गरीब नागरिकों के लिए वरदान के समान है। उन्होंने यह भी कहा कि कम कीमत पर उपलब्ध दवाइयाँ स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने और लोगों को निरोग जीवन प्रदान करने में मदद कर रही हैं।

इस तरह, जन औषधि दिवस न केवल दवाइयों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का दिन है, बल्कि यह गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के जीवन में स्वास्थ्य सुधार और वित्तीय राहत का प्रतीक भी बन गया है। प्रधानमंत्री की इस पहल ने लाखों नागरिकों के लिए इलाज को आसान और किफायती बना दिया है, जिससे पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत हुई है। (With inputs from IANS)

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