डिनर के बाद किए जा सकते हैं ये योगासन, पाचन होता है बेहतर

अपच, गैस, हाइपर एसिडिटी- ये ऐसी समस्याएं हैं जिससे लगभग हर घर में लोग परेशान हैं।

Update: 2026-03-12 11:32 GMT

अपच, गैस, हाइपर एसिडिटी- ये ऐसी समस्याएं हैं जिससे लगभग हर घर में लोग परेशान हैं। एक बार पाचन संबंधी समस्‍या शुरू हो जाए तो इसे ठीक करने के लिए लोग क्‍या कुछ नहीं करते हैं। देसी चूरन से लेकर एलोपेथी तक, बस दवाओं का सेवन करते रहते हैं। लेकिन अब ये समस्‍या इतनी अधिक क्‍यों बढ़ गई है। डॉक्‍टर्स कहते हैं कि बदलती जीवनशैली और खानपान का सीधा असर पेट पर होता है। लोग एक्‍सरसाइज, वॉक, योगा आदि नहीं करते और तला-भुना भोजन, पैकेज्‍ड, मसालेदार भोजन करते हैं। इस कारण पाचन में समस्‍या आती है। गैस और ब्‍लोटिंग होती है।

पाचन खराब होने के लक्षण ये हैं

जब पाचन खराब होने लगता है तो शरीर में कई लक्षण दिखाई देने लगते हैं। जैसे पेट का फूला हुआ महसूस होना, खास तौर पर भोजन के बाद पेट का फूल जाना। पेट में दर्द महसूस होते रहना। मरोड़ उठना या उबकाई आना। पेट ठीक से सा होना। इसके अलावा सीने में जलन महसूस होना। पेट से गड़गड़ाहट की आवाज सुनाई देना।

पाचन में कई योगासन फायदेमंद

पाचन की समस्‍या हो तो कई योगासन फायदेमंद साबित हो सकते हैं। योग के कुछ आसन ऐसे हैं जिन्‍हें भोजन के बाद करने से पाचन क्रिया तेज होती है। नई दिल्‍ली स्थित मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान में योग प्रशिक्षक श्रीमती अमृता शर्मा कहती हैं,


'वज्रासन पाचन तंत्र को रिलेक्सेशन देता है। वर्ज नाड़ी सक्रिय होती है। मेटाबॉलिज्म फास्ट होता है। डाइजेशन जल्दी होता है। सुखासन में भी बैठ सकते हैं। इससे ब्लड सर्कुलेशन पेट में बढ़ता है और पाचन अंग अपना काम तेजी के साथ करते हैं। खाना खाने के बाद अन्य योगासन या चलने-फिरने के लिए मना किया जाता है, क्योंकि अन्य आसन करने या चलने-फिरने से ब्लड सर्कुलेशन अन्य अंगों में चला जाता है, जिससे पाचन क्रिया बाधित होती है'।

ऐसे करें व्रजासन

इस आसन को भोजन करने के 15 मिनट बाद कर सकते हैं। योगा मैट पर दोनों पैरों को सामने की ओर फैलाकर बैठ जाना है। एक पैर का घुटना मोड़कर इस तरह बैठना है कि पैरो के पंजे पीछे हो जाएं और ऊपर की ओर हों। इसी तरह से दूसरे पैर का घुटना मोड़कर भी बैठें। याद रहे पीछे की ओर दोनों पैर के अंगूठे एक-दूसरे से मिले होने चाहिए और दोनों एड़ियो में दूरी होनी चाहिए। हाथों को घुटने पर ही रखे रखना है। आंखें बंद करके गहरी सांस लेते रहना है और छोड़ते रहना है। 3 मिनट तक ये योगाभ्यास करना है।

पाचन में ये योगासन लाभदायक है

जिन लोगों का पाचन कमजोर है उन्‍हें पवनमुक्तासन करना लाभदायक हो सकता है। इसके लिए योगा मैट पर पेट के बल लेट जाना होता है। बाएं घुटने को मोड़ना है और उसे धीरे-धीरे पेट के पास तक लेकर आना है। सांस को छोड़ते हुए अब आराम से दोनों हथेलियों को एक दूसरे से मिलाना है। इस योगासन में हाथ की अंगुलियों को घुटनों से नीचे रखने की कोशिश करनी होती है। इसके बाद बाएं घुटने से छाती को छूने का प्रयास करना है। अब सिर को जमीन से ऊपर की तरफ उठाना है। इसके बाद नाक को घुटनों को छूने का प्रयास करना है। 10 सेकेंड तक इसी योग अवस्था में रहने का प्रयास करें। फिर धीरे-धीरे सांस छोड़नी है और सामान्य हो जाना है।

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