कैलोरी कम, लेकिन पोषण भरपूर! सर्दियों में अपनी डाइट में जरूर शामिल करें शलगम
सर्दियों में कम कैलोरी और अधिक पोषण के लिए शलगम को अपनी डाइट में शामिल करें।
नई दिल्ली: सर्दियों में बाजार रंग-बिरंगी सब्जियों से भर जाते हैं, लेकिन इस दौरान अक्सर एक सब्जी नजरअंदाज रह जाती है — शलगम। यह गोल-मटोल, सफेद या कभी-कभी बैंगनी रंग की साधारण दिखने वाली सब्जी स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है।
आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों शलगम को सुपरफूड मानते हैं। प्राचीन काल से ही इसे स्वास्थ्यवर्धक माना गया है। आयुर्वेद में इसे वात और कफ दोष कम करने वाली सब्जी बताया गया है। इसकी हल्की और उष्ण प्रकृति पाचन को सुधारती है, भोजन को अच्छे से पचाने में मदद करती है और पेट व हृदय संबंधी समस्याओं में लाभकारी है।
शलगम कई तरीकों से खाया जा सकता है। इसे हल्का पकाकर सब्जी, सूप, पराठा या भुजिया के रूप में शामिल किया जा सकता है। आयुर्वेद के अनुसार घी में पकाना और भी अधिक फायदेमंद होता है। खासियत यह है कि शलगम में कैलोरी बहुत कम होती है, लगभग 28 कैलोरी प्रति 100 ग्राम, लेकिन पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा मौजूद है।
इसमें विटामिन सी, पोटेशियम, कैल्शियम, मैंगनीज और फाइबर पाया जाता है, जो हृदय स्वास्थ्य बनाए रखने, ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने, पाचन सुधारने और हड्डियों को मजबूत करने में मदद करता है।
अक्सर लोग सिर्फ जड़ का इस्तेमाल करते हैं और पत्तियों को फेंक देते हैं, जबकि शलगम की पत्तियों में जड़ की तुलना में दस गुना ज्यादा विटामिन ए और के होता है। यह आंखों की रोशनी बढ़ाने और खून के थक्के जमने में मदद करता है। शलगम में प्राकृतिक डिटॉक्स गुण भी हैं; ग्लूकोराफैनिन तत्व लीवर को हानिकारक पदार्थों से मुक्त रखने और इम्यूनिटी मजबूत करने में सहायक है।
सर्दियों में शलगम को अदरक और काली मिर्च के साथ हल्का पकाकर खाना और अधिक लाभकारी होता है। बैंगनी शलगम में मौजूद एंथोसायनिन एंटीऑक्सीडेंट है, जो उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करता है। इसकी उच्च फाइबर और पानी की मात्रा पेट को लंबे समय तक भरा रखती है और वजन घटाने में भी मदद करती है।
इसलिए, इस सर्दियों में शलगम को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। (With inputs from IANS)