रूखी त्वचा का रामबाण पपीता, लौटाए नमी और नेचुरल ग्लो

पपीता त्वचा को गहराई से पोषण देकर रूखेपन को कम करता है और उसकी प्राकृतिक नमी व चमक बनाए रखने में मदद करता है।

Update: 2026-01-02 05:30 GMT

रूखी और बेजान त्वचा के लिए पपीता है नेचुरल उपाय, जो लौटाए नमी और प्राकृतिक चमक।

नई दिल्ली: तेज रफ्तार और तनाव से भरी जिंदगी में प्रदूषण, तेज धूप और असंतुलित खानपान का सीधा असर त्वचा पर पड़ता है, जिससे वह रूखी और बेजान नजर आने लगती है। ऐसे समय में प्राकृतिक उपायों को अपनाना बेहद जरूरी हो जाता है। पपीता न केवल स्वाद में मीठा और हल्का होता है, बल्कि इसमें मौजूद पोषक तत्व त्वचा और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी होते हैं। आयुर्वेद और वैज्ञानिक शोध दोनों ही पपीते को त्वचा की नमी बनाए रखने और सेहत सुधारने में सहायक मानते हैं।

पपीते में विटामिन ए, सी और ई प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो त्वचा के लिए आवश्यक हैं। विटामिन ए त्वचा की कोशिकाओं को सक्रिय कर ऊतकों को मजबूत बनाता है, जबकि विटामिन सी त्वचा में प्राकृतिक नमी बनाए रखता है और उसे मुलायम व चमकदार बनाता है।

विटामिन ई त्वचा को सूखापन और धूप से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करता है। इसके अलावा पपीते में मौजूद पेप्सिन और पपाइन एंजाइम त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाकर नई त्वचा को निखारने का काम करते हैं।

आयुर्वेद के अनुसार, पपीता शरीर और त्वचा को ठंडक व नमी प्रदान करता है। इसके नियमित सेवन से त्वचा में कोमलता आती है और रूखापन दूर होता है। पपीता शरीर में जल तत्वों का संतुलन बनाए रखता है, जिससे त्वचा भीतर से हाइड्रेटेड रहती है। वहीं, पपीते का लेप या पेस्ट लगाने से भी त्वचा का सूखापन कम होता है और वह मुलायम बनती है।

वैज्ञानिक अध्ययनों में यह भी सामने आया है कि पपीते में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा की नमी को बनाए रखने में सहायक होते हैं। ये तत्व मुक्त कणों से होने वाले नुकसान को कम करते हैं, जिससे समय से पहले त्वचा के बूढ़े होने की प्रक्रिया धीमी पड़ती है।

पपीता केवल त्वचा ही नहीं, बल्कि पाचन तंत्र के लिए भी लाभकारी है। इसमें मौजूद फाइबर और एंजाइम कब्ज, पेट की सूजन और अपच जैसी समस्याओं में राहत देते हैं। साथ ही यह इम्यून सिस्टम को मजबूत करने और शरीर में सूजन को कम करने में भी मदद करता है।

इसके अलावा पपीता हृदय स्वास्थ्य, आंखों की रोशनी और मधुमेह जैसी समस्याओं में भी सहायक माना जाता है। इसके नियमित सेवन से रक्त शर्करा का स्तर नियंत्रित रहता है और हृदय को मजबूती मिलती है। पपीते में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स आंखों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखते हैं और समय से पहले दृष्टि कमजोर होने से बचाने में मदद करते हैं। (With inputs from IANS)

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