'असली भोजन' ही दवा है : अमेरिका में नई डायटरी गाइडलाइंस का लोगों ने किया स्वागत
अमेरिका की नई डायटरी गाइडलाइंस में असली और कम प्रोसेस्ड भोजन को सेहतमंद जीवन की कुंजी बताया गया है।
वाशिंगटन: ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकियों के लिए नई डायटरी गाइडलाइंस जारी की हैं, जिन्हें चिकित्सा संगठनों, किसान समूहों और स्वास्थ्य जागरूक लोगों से व्यापक समर्थन मिला है। इन दिशानिर्देशों में प्राकृतिक और असली भोजन को प्राथमिकता दी गई है, जबकि अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से दूरी बनाने की सलाह दी गई है।
नई गाइडलाइंस में साबुत और कम प्रोसेस्ड भोजन को पोषण नीति के केंद्र में रखा गया है। साथ ही अतिरिक्त चीनी, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड उत्पादों के सीमित सेवन पर ज़ोर दिया गया है। समर्थकों का मानना है कि यह बदलाव पुरानी बीमारियों को कम करने और समग्र स्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक अहम कदम है।
अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन सहित कई बड़े चिकित्सा संगठनों ने इन दिशानिर्देशों को वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित बताया है। संगठन के अध्यक्ष बॉबी मुक्कामाला ने कहा कि ये गाइडलाइंस हृदय रोग, मधुमेह, मोटापा और अन्य दीर्घकालिक बीमारियों से जुड़े आहार कारणों को सीधे संबोधित करती हैं और यह स्पष्ट संदेश देती हैं कि सही भोजन ही बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स ने भी बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान देने की सराहना की है। इसमें स्तनपान, ठोस आहार की सही शुरुआत, कैफीन से बचाव और अतिरिक्त शर्करा की सीमा जैसे बिंदुओं को शामिल किया गया है।
अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी और अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने फल, सब्जियां, साबुत अनाज और स्वस्थ वसा के सेवन को बढ़ावा देने तथा मीठे पेय, सैचुरेटेड फैट और प्रोसेस्ड फूड कम करने की सिफारिशों का स्वागत किया है।
किसान संगठनों और खाद्य उत्पादकों ने भी इन दिशानिर्देशों का समर्थन किया है। उनका कहना है कि इसमें उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन, डेयरी उत्पाद और ताज़े फल-सब्जियों की अहमियत को सही तरीके से मान्यता दी गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड भोजन के कम सेवन पर दिया गया ज़ोर सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए सकारात्मक संकेत है। कुल मिलाकर, ये नई डायटरी गाइडलाइंस अमेरिका में पोषण, रोग-निवारण और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखी जा रही हैं। (With inputs from IANS)