कोई साधारण फल नहीं है सिंघाड़ा, बीपी और थायरॉइड की समस्या से निजात दिलाने में कारगर
सिंघाड़ा एक लाभकारी फल है, जो ब्लड प्रेशर और थायरॉइड की समस्याओं में राहत दिला सकता है।
नई दिल्ली: सर्दियों में सिंघाड़े का सेवन काफी फायदेमंद माना जाता है। लोग इसे कच्चा खाते हैं, उबालकर नमक-मिर्च के साथ खा सकते हैं, भूनकर या सिंघाड़े के आटे से हलवा, पूरी और पकौड़े बनाकर भी इसका आनंद ले सकते हैं। स्वाद के साथ-साथ यह फल औषधीय गुणों से भी भरपूर है।
सिंघाड़े में आयोडीन, पोटैशियम, मैंगनीज, फाइबर और विटामिन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो थायरॉइड का समर्थन करते हैं, शरीर में अतिरिक्त पानी कम करते हैं, ब्लड प्रेशर संतुलित रखते हैं और पाचन में सहायक होते हैं।
सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखीजा के अनुसार, सिंघाड़ा देखने में छोटी थायरॉइड ग्रंथि जैसा लगता है और इसके पोषक तत्व भी थायरॉइड के सही कामकाज में मदद करते हैं। इसमें मौजूद आयोडीन थायरॉइड हार्मोन के निर्माण में जरूरी है, जबकि मैंगनीज और पोटैशियम टी4 हार्मोन को सक्रिय टी3 हार्मोन में बदलने में सहायक होते हैं, जो थायरॉइड फंक्शन के लिए महत्वपूर्ण है।
सिंघाड़ा शरीर में पानी जमा होने को कम करता है, जिससे थायरॉइड की वजह से होने वाली सूजन या भारीपन में राहत मिलती है। पोटैशियम की मात्रा ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करती है, जिससे हृदय स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। इसके अलावा, यह हल्का और पचने में आसान होने के कारण पेट को आराम देता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है।
सिंघाड़ा सर्दियों में आसानी से उपलब्ध होने वाला एक साधारण फल है, लेकिन इसके स्वास्थ्य लाभ असाधारण हैं। इसे कच्चा, उबालकर, भूनकर या सिंघाड़े के आटे से बने विभिन्न व्यंजनों में इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, किसी भी स्वास्थ्य समस्या के मामले में डॉक्टर से परामर्श लेना उचित रहता है।
सर्दियों में यह एक आसानी से मिलने वाला, किफायती और पौष्टिक विकल्प है। फिर भी, किसी भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या या नियमित दवाओं के साथ सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है। यदि आप थायरॉइड, ब्लड प्रेशर या पाचन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो सिंघाड़े को अपनी डाइट में शामिल करना एक प्राकृतिक और सुरक्षित उपाय हो सकता है। (With inputs from IANS)