बिना पर्ची की दवाएँ: बच्चों के लिए कितनी सुरक्षित? जानिए ज़रूरी टिप्स

जब बच्चे को बुखार, सर्दी, खाँसी या हल्का दर्द होता है, तो अधिकतर माता-पिता बिना पर्ची मिलने वाली दवाओं (OTC medicines) का सहारा लेते हैं।

Update: 2026-02-12 04:30 GMT

बिना पर्ची के मिलने वाली दवाएँ (OTC medicines) आसानी से उपलब्ध होती हैं और सामान्य स्थितियों में सुरक्षित भी मानी जाती हैं। लेकिन बच्चों का शरीर नाज़ुक होता है। गलत दवा, गलत मात्रा या गलत उम्र में दी गई दवा बच्चे को लाभ की जगह नुकसान पहुँचा सकती है। इसलिए बच्चों को दवा देते समय अतिरिक्त सावधानी और सही जानकारी बेहद ज़रूरी है।।

क्या आप दवा देने से पहले उसका लेबल पढ़ते हैं?

हर दवा के पैकेट पर उसकी खुराक, उम्र की सीमा, इस्तेमाल का तरीका और चेतावनी साफ-साफ लिखी होती हैं। दवा देने से पहले पूरा लेबल ध्यान से पढ़ना चाहिए, भले ही आपने वह दवा पहले भी बच्चे को दी हो। कंपनियाँ निर्देश बदल सकती हैं और बच्चे की उम्र या वजन भी बदलता रहता है| 

क्या यह दवा आपके बच्चे की उम्र और वजन के लिए सही है?

कुछ दवाएँ केवल बड़े बच्चों के लिए होती हैं और छोटे बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं होतीं।

अगर दवा पर उम्र की सीमा स्पष्ट न हो, तो दवा देने से पहले डॉक्टर से पूछना ज़रूरी है।

कई बच्चों की दवाएँ उम्र से ज़्यादा वजन के आधार पर दी जाती हैं। जहाँ भी वजन के अनुसार मात्रा बताई गई हो, उसी का पालन करना चाहिए।

क्या आप दवा की सही मात्रा ही दे रहे हैं?

हमेशा दवा उतनी ही उतनी ही मात्रा में दें, जितनी लेबल पर लिखी हो। हमेशा दवा के साथ मिलने वाला मापने वाला चम्मच या कप इस्तेमाल करें। रसोई का चम्मच कभी इस्तेमाल न करें, क्योंकि उससे दवा ज़्यादा या कम हो सकती है, जो बच्चे के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

क्या दवा अभी भी सुरक्षित है या एक्सपायर हो चुकी है?

एक्सपायर हो चुकी दवा असर नहीं करती और कभी-कभी नुकसान भी पहुँचा सकती है।

घर में पड़ी पुरानी या पहले से खुली हुई दवाएँ बच्चों को नहीं देनी चाहिए।

क्या छोटे बच्चों को खाँसी-जुकाम की दवाएँ सुरक्षित हैं?

चार साल से कम उम्र के बच्चों को खाँसी-जुकाम की दवाएँ बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं देनी चाहिए। इन दवाओं से छोटे बच्चों में साँस की दिक्कत, अत्यधिक नींद या अन्य गंभीर समस्याएँ हो सकती हैं।

क्या हर लक्षण के लिए दवा ज़रूरी है?

अगर बच्चे को केवल बुखार है, तो खाँसी या सर्दी की दवा देने की ज़रूरत नहीं। अनावश्यक दवाएँ बच्चे के शरीर पर अतिरिक्त बोझ डालती हैं और साइड-इफेक्ट का खतरा बढ़ाती हैं।

क्या बड़ों की दवा बच्चों के लिए सुरक्षित हो सकती है?

बड़ों की दवाओं की ताकत और मात्रा बच्चों के लिए ज़्यादा होती है। बड़ों की दवा बच्चों को देना खतरनाक हो सकता है, चाहे लक्षण समान ही क्यों न हों।

क्या बच्चे को सुलाने के लिए दवा देना सुरक्षित है?

कुछ दवाएँ नींद लाती हैं, लेकिन उन्हें केवल बीमारी के इलाज के लिए ही दिया जाना चाहिए। बच्चे को सुलाने या शांत रखने के लिए दवा देना गलत और असुरक्षित है।

क्या अलग-अलग नाम की दवाओं में एक ही दवा छिपी हो सकती है?

अलग-अलग नाम की दवाओं में भी एक ही दवा हो सकती है, जैसे पैरासिटामोल| अगर अलग-अलग नाम की दो दवाएँ एक साथ दे दी जाएँ, तो एक ही दवा की मात्रा ज़्यादा हो सकती है, जिससे ओवरडोज़ का खतरा रहता है।

क्या दवाएँ बच्चों की पहुँच से सुरक्षित दूरी पर रखी गई हैं?

सभी दवाएँ बच्चों की पहुँच से दूर, ऊँचाई पर और बंद अलमारी या डिब्बे में रखें। दवा को मिठाई या खिलौने की तरह खुला न छोड़ें।

क्या बच्चों को कभी भी एस्पिरिन दी जानी चाहिए?

सर्दी, जुकाम या फ्लू में बच्चों और किशोरों को एस्पिरिन देने से गंभीर बीमारी (Reye’s syndrome) का खतरा हो सकता है। इसलिए बच्चों को एस्पिरिन कभी न दें।

कब आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर दवा देने के बाद बच्चे में एलर्जी, उल्टी, चक्कर, बहुत ज़्यादा नींद या साँस लेने में परेशानी दिखाई दे, तो दवा तुरंत बंद करें और डॉक्टर से संपर्क करें।

क्या सही सलाह के बिना फैसला लेना ठीक है?

अगर आपको दवा की मात्रा, ज़रूरत या असर को लेकर कोई भी संदेह हो, तो खुद फैसला न लें। डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी से सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।

याद रखें

दवाएँ बच्चों को राहत देती हैं, लेकिन सही जानकारी और सावधानी के बिना वही दवाएँ नुकसान भी पहुँचा सकती हैं। बच्चों के मामले में हमेशा सावधानी ही सबसे अच्छा इलाज है।

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