बच्चों के स्वस्थ पोषण के लिए आसान और उपयोगी टिप्स

बचपन में डाली गई खाने की अच्छी आदतें जीवनभर के स्वास्थ्य की दिशा तय करती हैं। बच्चों में बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण असंतुलित आहार है|

Update: 2026-02-12 10:45 GMT

स्वस्थ भोजन बच्चों के लिए क्यों ज़रूरी है?

आजकल कई बच्चे कम उम्र में ही मोटापे, बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ये बीमारियाँ सिर्फ वर्तमान स्वास्थ्य को ही नहीं बिगाड़तीं हैं, बल्कि जीवन में आगे चलकर भी गंभीर परेशानियाँ पैदा कर सकती हैं।

बचपन से ही यदि संतुलित भोजन और नियमित शारीरिक गतिविधि की आदत डाली जाए, तो इन बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

बच्चों को खाने की सही आदतें कैसे डालें?

बच्चे वही सीखते हैं जो वे रोज़ अपने आसपास देखते हैं। इसलिए सही खान-पान की आदतें सिखाने की शुरुआत घर से और माता-पिता के व्यवहार से होती है।

• माता पिता खुद बच्चों के लिए उदाहरण बनें| जब माता पिता स्वस्थ और संतुलित भोजन करते हैं, तो बच्चा भी वही अपनाने लगता है।

• बच्चों को अलग-अलग रंगों और प्रकार का खाना दें, ताकि बच्चों के शरीर को सभी ज़रूरी विटामिन और खनिज मिल सके जो उनके विकास के लिए जरूरी है।

• बच्चों की जंक फ़ूड (जैसे तला-भुना और पैकेट वाला खाना) खाने की आदत को कम करने की कोशिश करें और उन्हें घर का ताज़ा भोजन ज़्यादा दें।

• बच्चों का स्क्रीन टाइम (मोबाइल, टीवी, आईपैड, लैपटॉप आदि) जितना हो सके कम होना चाहिए (दिन में 1 घंटे से कम)। यह पाया गया है कि जो बच्चे अधिक स्क्रीन टाइम का उपयोग करते हैं, उनमें भूख कम लगने की शिकायत ज़्यादा होती है, जिससे कुपोषण की समस्या हो सकती है।

स्वस्थ भोजन के सरल और उपयोगी उदाहरण कौन से हैं?

बच्चों को स्वस्थ भोजन देने का मतलब महंगी या कठिन रेसिपी नहीं है। रोज़ के खाने में छोटे-छोटे समझदारी भरे बदलाव ही पर्याप्त होते हैं और बड़ा फर्क ला सकते हैं।

1. नाश्ता दिन की शुरुआत के लिए सबसे ज़रूरी भोजन है। इसमें ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करें जो बच्चों को ऊर्जा और पोषण दोनों दें। बच्चों को नाश्ते में साबुत अनाज की रोटी या फाइबर-युक्त सीरियल, ताज़े फल और लो-फैट या बिना फैट का दूध, दही या पनीर दें। जूस की बजाय पूरे फल देना बेहतर होता है, क्योंकि जूस में शक्कर अधिक और पोषण कम होता है।

2. दोपहर का खाना ऐसा होना चाहिए जो हल्का और पौष्टिक हो और जो पेट भरे लेकिन भारी न लगे। ब्राउन या साबुत अनाज की ब्रेड के साथ ताज़े फल (छिलके सहित) शामिल करें, और चिप्स या पैकेट वाले स्नैक्स की जगह फल या सब्ज़ियाँ देना अधिक स्वस्थ विकल्प होता है।

3. लो-फैट पनीर या उबला/ग्रिल्ड चिकन, सब्ज़ियों से भरी रोटी या पीटा ब्रेड, मूंगफली का प्राकृतिक मक्खन और 100% फल से बनी जैम, या लो-फैट ग्रिल्ड चीज़ सैंडविच को गाजर और खीरे के साथ परोसना एक संतुलित भोजन हो सकता है।

इस तरह के सरल और संतुलित भोजन बच्चों को ज़रूरी पोषण देते हैं और उन्हें स्वस्थ रहने की आदत सिखाते हैं।

बच्चों के लिए अच्छे स्नैक्स कौन-कौन से हैं?

बच्चों के लिए स्नैक्स स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी होने चाहिए।

• फल जैसे सेब, केला, अंगूर और संतरा रोज़मर्रा के अच्छे विकल्प हैं। दही में मिलाए गए फल या थोड़ी मात्रा में सूखे फल भी बच्चों को दिए जा सकते हैं।

• सब्ज़ियों में गाजर, खीरा और टमाटर आसान और स्वास्थ्यवर्धक स्नैक्स हैं। ब्रोकली या फूलगोभी को लो-फैट डिप के साथ दिया जा सकता है।

• प्रोटीन के लिए लो-फैट दही, पनीर, बिना नमक की मूंगफली और बादाम अच्छे विकल्प हैं। साबुत अनाज से बने कम शक्कर वाले सीरियल, होल-ग्रेन बिस्कुट या ब्रेड बच्चों को ऊर्जा और फाइबर देते हैं।

• बच्चों को कभी-कभार मीठा दिया जा सकता है, जैसे फैट-फ्री फ्रोजन योगर्ट, शरबत या सोर्बे।

स्वस्थ आदतें जो जीवनभर साथ रहती हैं!

स्वस्थ भोजन का मतलब सख़्ती नहीं है, बल्कि संतुलन है। बचपन में डाली गई अच्छी आदतें पूरी ज़िंदगी साथ चलती हैं।

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