कैंसर एक रोके जाने वाली बीमारी है, जीवनशैली में बदलाव है सबसे बड़ा समाधान
दुनिया भर में हर साल करोड़ों लोग कैंसर का शिकार होते हैं. जानिए इसके क्या कारण है.
दुनिया भर में हर साल करोड़ों लोग कैंसर का शिकार होते हैं. आमतौर पर माना जाता है कि कैंसर आनुवंशिक (Genetic) होता है, लेकिन विज्ञान कुछ और ही कहता है। शोध के अनुसार, केवल 5-10 प्रतिशत कैंसर के मामले ही वंशानुगत दोषों के कारण होते हैं, जबकि बचे 90-95 प्रतिशत मामलों की जड़ें हमारे पर्यावरण और जीवनशैली में छिपी हैं.
क्या कैंसर वास्तव में भाग्य का खेल है?
फेमस रिसर्चर क्रेग वेंटर के अनुसार, "जीन हमारा भाग्य निर्धारित नहीं करते." वे हमें बीमारियों के जोखिम की जानकारी दे सकते हैं, लेकिन अधिकांश बीमारियों का कारण पर्यावरण और हमारी आदतों के बीच का जटिल संपर्क होता है. जुड़वां बच्चों पर किए गए अध्ययनों से पता चला है कि अगर एक को कैंसर है, तो दूसरे को होने की संभावना केवल 20 प्रतिशत है, जो साबित करता है कि जीन से अधिक हमारी जीवनशैली मायने रखती है.
कैंसर के मुख्य कारक (Risk Factors)
- तंबाकू (25-30%)-धूम्रपान और तंबाकू कम से कम 14 प्रकार के कैंसर का कारण बनते हैं.
- आहार (30-35%)- तला हुआ भोजन, रेड मीट और पोषक तत्वों की कमी कैंसर को बढ़ावा देती है.
- संक्रमण (15-20%)-कुछ वायरस और बैक्टीरिया भी कैंसर का कारण बनते हैं.
- अन्य कारक-शराब, मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता, प्रदूषण और तनाव.
कैंसर से बचाव के लिए 10 जरूरी कदम
- चूंकि 90% से अधिक कारक हमारे नियंत्रण में हैं, इसलिए कैंसर को रोकना संभव है.
- तंबाकू का त्याग-धूम्रपान छोड़ना सबसे महत्वपूर्ण कदम है.
- पौष्टिक आहार-फलों, सब्जियों और साबुत अनाज का सेवन बढ़ाएं.
- वजन नियंत्रण-कैलोरी पर नियंत्रण रखें और मोटापे से बचें.
- नियमित व्यायाम-शारीरिक रूप से सक्रिय रहना कैंसर के जोखिम को कम करता है.
- शराब का सीमित सेवन-अत्यधिक शराब का सेवन लिवर और अन्य अंगों के लिए घातक है.
- धूप से बचाव- सीधी धूप और रेडिएशन के संपर्क में आने से बचें.
- मांस का कम सेवन-रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट का सेवन कम से कम करें.
- टीकाकरण-हेपेटाइटिस और HPV जैसे टीकों का उपयोग करें.
- तनाव प्रबंधन-मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें.
- नियमित जांच-समय-समय पर कैंसर स्क्रीनिंग और हेल्थ चेकअप कराएं.
कैंसर के खिलाफ युद्ध में हम इसलिए हार रहे हैं क्योंकि हमारा ध्यान केवल इलाज और जीन पर है, जबकि समाधान रोकथाम (Prevention)में है. एशिया से पश्चिम की ओर प्रवास करने वाले लोगों में कैंसर की दर का बढ़ना यह साबित करता है कि भौगोलिक बदलाव नहीं, बल्कि खान-पान और रहन-सहन में बदलाव ही असली दुश्मन है.जीवनशैली में बदलाव लाकर न केवल कैंसर, बल्कि कई अन्य पुरानी बीमारियों से भी बचा जा सकता है