कैंसर और डाइट, क्या चीनी वाकई कैंसर को बढ़ाती है? एक्सपर्ट से जानिए पोषण का सच

कैंसर के मरीजों को अक्सर ऐसी डाइट की सलाह दी जाती है जो चमत्कार का वादा तो करती हैं, लेकिन भ्रम और कमजोरी ज्यादा देती हैं.

Update: 2026-02-06 07:15 GMT

कैंसर के मरीजों को अक्सर ऐसी डाइट की सलाह दी जाती है जो चमत्कार का वादा तो करती हैं, लेकिन भ्रम और कमजोरी ज्यादा देती हैं. एस्टर व्हाइटफील्ड हॉस्पिटल, बेंगलुरु की क्लिनिकल न्यूट्रिशन विभाग की प्रमुख सुश्री वीणा वी. ने इस विषय पर गहराई से प्रकाश डाला है. उन्होंने बताया है कि क्यों सख्त डाइट खतरनाक हो सकती है और कैंसर के इलाज के दौरान सही पोषण क्यों जरूरी है.

"कोई भी अकेला भोजन कैंसर को न तो बढ़ाता है, न ही ठीक करता है"

सुश्री वीणा वी. का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैले मिथकों के विपरीत, "ऐसी कोई एकल खाद्य वस्तु नहीं है जो कैंसर का इलाज कर सके या उसे बढ़ा सके." कैंसर के दौरान पोषण का असली उद्देश्य मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना और उपचार (कीमोथेरेपी/रेडिएशन) को सहने की शक्ति देना है.

वजन का गिरना सामान्य नहीं, एक चेतावनी है

कैंसर के इलाज के दौरान अनजाने में वजन कम होना एक गंभीर संकेत है.सुश्री वीणा के अनुसार, पोषण की कमी से शरीर कमजोर हो जाता है, जिससे इलाज के साइड इफेक्ट्स बढ़ जाते हैं और रिकवरी धीमी हो जाती है.पोषण संबंधी योजना इलाज शुरू होने के साथ ही बननी चाहिए, ताकि शरीर की मांसपेशियों (Muscles) और ताकत को बनाए रखा जा सके.

सबसे बड़ा मिथक यह है कि "चीनी को लेकर

यह सच है कि कैंसर कोशिकाएं ग्लूकोज का उपयोग करती हैं, लेकिन शरीर की स्वस्थ कोशिकाएं भी ऊर्जा के लिए इसी पर निर्भर होती हैं.चीनी को पूरी तरह छोड़ने या बहुत कम कैलोरी (800 से कम) वाली डाइट लेने से मरीज का शरीर कमजोर हो जाता है, जिससे इलाज में बाधा आती है.

इलाज के दौरान प्रोटीन और कैलोरी हैं आपके दोस्त*

कीमोथेरेपी या रेडिएशन के दौरान शरीर को खुद को ठीक करने के लिए प्रोटीन और पर्याप्त कैलोरी की सख्त जरूरत होती है. अगर मरीज को मतली या स्वाद में बदलाव के कारण भूख नहीं लग रही है, तो विशेषज्ञ 'ओरल न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट्स' की सलाह देते हैं. यह कोई विफलता नहीं, बल्कि एक चिकित्सकीय जरूरत है.

जीवनशैली के वो ऑप्शन जो वाकई असर करते हैं, उनमें से हैं आपका आहार, पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थों (फल, सब्जियां, फलियां) से भरपूर भोजन करना चाहिए. अपनी क्षमता के अनुसार सक्रिय रहना.भारी मात्रा में शराब का सेवन जोखिम बढ़ा सकता है.

Tags:    

Similar News