मिशन एड्स सुरक्षा के तहत दिसंबर 2027 तक एचआईवी पर काबू पाना भारत का लक्ष्य

भारत का लक्ष्य दिसंबर 2027 तक एचआईवी पर नियंत्रण पाना है।

Update: 2026-02-26 09:00 GMT

गुवाहाटी: नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (एनएसीओ) के डायरेक्टर जनरल राकेश गुप्ता ने बुधवार को बताया कि भारत का उद्देश्य मिशन एड्स सुरक्षा के तहत 1 दिसंबर 2027 तक एचआईवी पर पूरी तरह नियंत्रण हासिल करना है।

गुप्ता ने यह बात गुवाहाटी में आयोजित तीन दिवसीय रिव्यू मीटिंग के पहले सत्र में कही, जिसमें नॉर्थ-ईस्टर्न राज्यों में नेशनल एड्स और एसटीआई कंट्रोल प्रोग्राम की प्रगति पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि देश के 219 हाई-प्रायोरिटी जिलों में से 60 नॉर्थ-ईस्ट में हैं, सिवाय सिक्किम के।

इस वर्कशॉप का उद्देश्य इन हाई-प्रायोरिटी जिलों में प्रगति को तेज करना और जिला स्तर पर कस्टमाइज्ड एक्शन प्लान तैयार करना है। राकेश गुप्ता ने बताया कि यह तीन दिवसीय बैठक जिला-स्तरीय योजना और रणनीति को मजबूत करने के लिए आयोजित की गई है ताकि नेशनल एचआईवी कंट्रोल टारगेट समय पर पूरा किया जा सके।

मीटिंग में मेघालय के चार हाई-प्रायोरिटी जिलों – ईस्ट जैंतिया हिल्स, ईस्ट खासी हिल्स, रीभोई और वेस्ट जैंतिया हिल्स – पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके अलावा फरवरी-मार्च 2026 में देशभर में 11 रीजनल ‘सुरक्षा संकल्प कार्यशाला’ आयोजित की जा रही हैं, जिनमें सभी 219 हाई-प्रायोरिटी जिले शामिल होंगे। गुवाहाटी वर्कशॉप इस श्रृंखला की पहली है, जिसमें सात नॉर्थ-ईस्ट राज्यों के 60 हाई-प्रायोरिटी जिले शामिल हैं।

तीन दिन की बैठक में जिला-स्तरीय प्रतिनिधि ग्लोबल 95-95-99 टारगेट को पूरा करने के लिए रणनीतियों पर विचार कर रहे हैं। ये लक्ष्य सुनिश्चित करते हैं कि एचआईवी पॉजिटिव 95% लोग अपना स्टेटस जानें, डायग्नोस हुए 95% लोग लगातार एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (एआरटी) लें, और इलाज कर रहे 99% लोगों में वायरल सप्रेशन हो।

मीटिंग में नॉर्थ-ईस्ट इलाके में एनएसीपी के क्रियान्वयन की पूरी समीक्षा की जा रही है। इसमें जिला-स्तरीय ओनरशिप को मजबूत करना, माइक्रो-लेवल परफॉर्मेंस इंडिकेटर्स का आकलन करना, कमी की पहचान और लोकल ट्रेंड्स के अनुसार सुधारात्मक कार्रवाई की योजना शामिल है। वरिष्ठ अधिकारी, स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटीज के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और क्षेत्रीय प्रोग्राम लीडर बैठक में भाग ले रहे हैं।

इस प्रक्रिया से हर राज्य के एचआईवी/एड्स एपिडेमियोलॉजिकल प्रोफाइल के अनुसार स्पष्ट और कार्यन्वयन योग्य रोडमैप तैयार होने की उम्मीद है, जिससे भारत सरकार मिशन एड्स सुरक्षा के अपने लक्ष्य को और मजबूत कर सकेगी। (With inputs from IANS)

Tags:    

Similar News