रेयर ब्लड कैंसर का इलाज आसान: ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं ने खोजे दो नए टारगेट
ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं ने दो नए टारगेट खोजे हैं, जो दुर्लभ रक्त कैंसर के इलाज को आसान बना सकते हैं।
नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं की एक टीम ने मायेलोफाइब्रोसिस नामक दुर्लभ और गंभीर ब्लड कैंसर के इलाज के लिए एक नई टारगेटेड थेरेपी विकसित की है। यह रक्त कैंसर स्वस्थ रक्त कोशिकाओं के निर्माण में बाधा डालता है, जिससे थकान, दर्द, बढ़ी हुई तिल्ली और जीवन की गुणवत्ता में गिरावट जैसी समस्याएं सामने आती हैं। वर्तमान में उपलब्ध उपचार केवल लक्षणों को नियंत्रित करते हैं, जबकि बीमारी का जड़ तक इलाज नहीं करते।
जर्नल ब्लड में प्रकाशित इस अध्ययन में बताया गया है कि शोधकर्ताओं ने इम्यूनोथेरेपी के माध्यम से असामान्य रक्त कोशिकाओं को टारगेट किया, जो इस बीमारी के लिए जिम्मेदार होती हैं। मरीजों की कोशिकाओं का अध्ययन करके टीम ने दो नए टारगेट्स की पहचान की है, जो सटीक प्रतिरक्षा विज्ञान (immune science) पर आधारित हैं।
शोध टीम में प्रोफेसर डेनियल थॉमस, साउथ ऑस्ट्रेलियन हेल्थ एंड मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट के ब्लड कैंसर प्रोग्राम के निदेशक, और एंजेल लोपेज, एसए पैथोलॉजी में ह्यूमन इम्यूनोलॉजी की प्रमुख शामिल हैं। प्रोफेसर थॉमस ने कहा, “मायलोफाइब्रोसिस का इलाज अक्सर ऐसी थैरेपी से किया जाता है जो सिर्फ लक्षणों को कंट्रोल करती हैं, लेकिन बीमारी बढ़ाने वाली असामान्य कोशिकाओं को टारगेट नहीं करतीं। हमारी खोज इन कोशिकाओं को सीधे निशाना बनाकर इलाज की दिशा बदल सकती है।”
शोध में पता चला कि अलग-अलग बायोलॉजिकल रूपों की वजह से रोगियों में टारगेटेड उपचार अलग-अलग तरीके से लाभकारी हो सकते हैं। एंजेल लोपेज ने कहा, “कैंसर के इलाज का भविष्य रोग को मॉलिक्यूलर और इम्यून स्तर पर समझने और इसे सटीक, लंबे समय तक चलने वाली थेरेपी में बदलने में है। हमारी रिसर्च यह दर्शाती है कि बीमारी पैदा करने वाली कोशिकाओं पर केंद्रित होकर अधिक असरदार इलाज संभव है।”
इस खोज से मायेलोफाइब्रोसिस और उससे जुड़ी बीमारियों के इलाज में बड़े बदलाव की संभावना है, लेकिन मरीजों पर क्लिनिकल परीक्षण से पहले और शोध की आवश्यकता है। (With inputs from IANS)