प्रेग्नेंसी में उल्टी की समस्या? इन आयुर्वेदिक तरीकों से पाएं आराम
गर्भावस्था में उल्टी-मतली से राहत पाने के लिए आसान आयुर्वेदिक उपाय अपनाए जा सकते हैं।
नई दिल्ली: गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में कई महिलाओं को उल्टी और मतली की समस्या होती है, जिसे मॉर्निंग सिकनेस कहा जाता है। यह गर्भावस्था का एक शुरुआती संकेत भी हो सकता है और लगभग 80 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं में देखा जाता है।
हालांकि कुछ महिलाओं को यह समस्या दिन के किसी भी समय—सुबह, दोपहर या रात—हो सकती है। इसके प्रमुख कारणों में हार्मोनल बदलाव, तनाव और थकान शामिल हैं।इस स्थिति में सबसे पहले मानसिक और भावनात्मक सहारा देना बहुत जरूरी है।
गर्भवती महिला को यह भरोसा दिलाना कि यह लक्षण धीरे-धीरे कम हो जाएगा, उनके लिए राहत देने वाला होता है। इसके अलावा, उल्टी के ट्रिगर को पहचानना और उससे बचना भी जरूरी है। कुछ खास खाने की चीजें, तेज खुशबू वाले व्यंजन या बहुत भारी भोजन, उल्टी को बढ़ा सकते हैं, इसलिए उन्हें टालना चाहिए। थकान भी मतली को बढ़ाती है, इसलिए पर्याप्त आराम करना बेहद महत्वपूर्ण है।
घरेलू उपायों में सबसे आसान और असरदार विकल्पों में से एक है छोटे-छोटे हिस्सों में भोजन करना। दिन में 4-5 बार हल्का भोजन करें, जिससे पेट भरा रहे लेकिन भारी न लगे। ठंडी और हल्की चीजें जैसे बिस्किट, फलों का जूस या ठंडे स्नैक्स कई महिलाओं को बेहतर लगते हैं। सुबह उठने से लगभग 20 मिनट पहले साधारण बिस्किट खाने से भी मतली कम होती है। इसके अलावा अदरक, नींबू और इलायची के साथ बनी कैंडी या शर्बत, हल्का सूप या छाछ जैसे पेय पीने से भी राहत मिलती है।
कुछ आयुर्वेदिक उपाय भी काफी लाभकारी हैं। अमलकी और किशमिश का पाउडर हल्के गर्म पानी या दूध के साथ लेने से उल्टी कम होती है। धनिया का पेस्ट चावल के पानी और थोड़े शक्कर के साथ दिन में दो बार लेने से पेट हल्का रहता है और मतली में राहत मिलती है। हरे मूंग का सूप, बेल का गूदा और लाजामंड या आम और जामुन की पत्तियों का काढ़ा शहद के साथ लेने से भी असरदार राहत मिलती है।
इसके अलावा, प्रेगनेंसी में महिला को ध्यान रखना चाहिए कि वह ज्यादा तीखा, नमकीन, तेली और भारी भोजन न करें। चाय और कॉफी विशेषकर खाली पेट नहीं पीनी चाहिए। उल्टी आने पर जल्दी से दवा लेने के बजाय सरल घरेलू उपाय अपनाएं। (With inputs from IANS)