प्रेग्नेंसी में स्ट्रेस घटाती हैं ये चीजें, बच्चे के विकास में करती हैं मदद
प्रेग्नेंसी के दौरान ये उपाय तनाव कम करते हैं और शिशु के सही विकास में मददगार होते हैं।
नई दिल्ली: प्रेग्नेंसी महिलाओं के जीवन का एक बेहद खास और संवेदनशील समय होता है। इस दौरान शरीर में हार्मोनल बदलाव, शारीरिक थकावट और मानसिक तनाव अक्सर भारी लग सकते हैं। कई बार छोटी-छोटी बातों पर चिंता या अवसाद महसूस होना भी सामान्य है।
इसलिए गर्भवती महिलाओं के लिए तनाव को नियंत्रित करना और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत रखना अत्यंत आवश्यक है। इस समय सबसे प्राकृतिक और प्रभावी उपाय है पोषण से भरपूर आहार, जो मां और शिशु दोनों की सेहत के लिए फायदेमंद होता है।
विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थ प्रेग्नेंसी में विशेष महत्व रखते हैं। ये इम्यूनिटी बढ़ाते हैं और स्ट्रेस कम करने में मदद करते हैं। विटामिन सी कोर्टिसोल हार्मोन को नियंत्रित करता है, जो तनाव बढ़ाने में भूमिका निभाता है। आंवला, नींबू, संतरा, स्ट्रॉबेरी और ब्रोकली जैसी चीजें गर्भवती महिलाओं की डाइट में नियमित रूप से शामिल की जानी चाहिए। शोध बताते हैं कि प्रेग्नेंसी में विटामिन सी की कमी बेचैनी और मानसिक तनाव को बढ़ा सकती है।
डेयरी उत्पाद जैसे दूध, दही और चीज प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। प्रोटीन न केवल मां को ऊर्जा देता है बल्कि ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने, नींद बेहतर बनाने और मानसिक थकान कम करने में मदद करता है। लैक्टियम प्रोटीन तनाव से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है। इसके अलावा, सोया दूध भी गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद लाभकारी है, क्योंकि इसमें कैल्शियम, पोटैशियम और विटामिन ए व डी भरपूर मात्रा में होते हैं, जो बच्चे की हड्डियों और मस्तिष्क के विकास में मदद करते हैं।
अनाज जैसे दालें, ओटमील, ब्राउन राइस और साबुत गेहूं की ब्रेड भी गर्भवती महिलाओं की डाइट का अहम हिस्सा हैं। ये एंडोर्फिन हार्मोन को सक्रिय करके मूड सुधारते हैं और तनाव कम करते हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां कोर्टिसोल हार्मोन को संतुलित करती हैं और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखती हैं।
सलाद या जूस के रूप में हरी सब्जियों का सेवन करना सबसे सरल और असरदार तरीका है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की स्टडी के अनुसार, जो महिलाएं हरी सब्जियां हफ्ते में कई बार खाती हैं, उनमें डिप्रेशन और तनाव के लक्षण कम दिखाई देते हैं।
इस प्रकार, गर्भवती महिलाओं के लिए संतुलित और पोषणयुक्त आहार केवल शारीरिक सेहत ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और बच्चे के समग्र विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। (With inputs from IANS)