गर्भावस्था में हाथ, पैर या चेहरे में सूजन? जानें कारण और आसान घरेलू उपाय

गर्भावस्था में शरीर के अंगों में सूजन होने के कारण और इसे कम करने के आसान घरेलू उपाय जानें।

Update: 2026-04-09 11:00 GMT

नई दिल्ली: गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में कई बदलाव आते हैं, जिनमें से एक आम समस्या है हाथ, पैर या चेहरे में सूजन, जिसे एडेमा कहा जाता है। यह अधिकतर दूसरे और तीसरे ट्राइमेस्टर में देखा जाता है। इस दौरान शरीर में लगभग 50% अधिक खून और तरल पदार्थ बनते हैं ताकि विकसित हो रहे शिशु की आवश्यकताएं पूरी हो सकें, और यही अतिरिक्त फ्लूइड सूजन का मुख्य कारण बनता है।

सूजन को कम करने और इसे नियंत्रित करने के लिए कुछ सरल उपाय अपनाए जा सकते हैं। सबसे पहले तो अपनी ब्लड प्रेशर की नियमित जांच करते रहें। इससे पता चलता रहेगा कि कहीं हाई ब्लड प्रेशर की समस्या तो नहीं बढ़ रही। इसके अलावा नमक का सेवन कम करना भी बहुत जरूरी है। नमक शरीर में पानी को रोकता है, जिससे सूजन बढ़ सकती है। खाना हल्का और संतुलित होना चाहिए। मसालेदार या खट्टी चीजों से बचना चाहिए।

हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करना भी सूजन कम करने में मदद करता है। रोज थोड़ी देर पैदल चलना या स्ट्रेचिंग करना शरीर में फ्लूइड के सही प्रवाह में मदद करता है। सोते समय पैरों को हल्का ऊंचा रखने से भी सूजन कम हो सकती है। आप एक छोटा तकिया या कुशन पैरों के नीचे रख सकते हैं ताकि रक्त प्रवाह सुचारू रहे। लंबे समय तक खड़े या बैठे रहना भी सूजन बढ़ा सकता है, इसलिए बीच-बीच में हल्की मूवमेंट जरूरी है।

इसके अलावा, कुछ आयुर्वेदिक और घरेलू उपाय भी उपयोगी साबित होते हैं, जैसे कि गोखरू चूर्ण 5 ग्राम पानी के साथ दिन में दो बार या पुनर्नवा मंडूर 500 मिलीग्राम दिन में दो बार 15 दिन तक लेने से सूजन कम करने में मदद मिलती है। लेकिन इसे शुरू करने से पहले किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह लेना जरूरी है।

आमतौर पर यह सूजन हल्की होती है और चिंता की बात नहीं होती, लेकिन अगर यह बहुत ज्यादा बढ़ जाए या हाई ब्लड प्रेशर के साथ हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अगर सूजन के साथ ब्लड प्रेशर 140/90 से ज्यादा हो या डिस्यूरिया जैसी समस्या हो रही हो, तो यह सामान्य सूजन से अलग गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है। ऐसे मामलों में डॉक्टर तुरंत जांच करके उचित इलाज सुझा सकते हैं। (With inputs from IANS)

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