आयुर्वेद के 3 उपाय दूर करेंगे एनीमिया की परेशानी, रखना होगा कुछ विशेष बातों का ध्यान
आयुर्वेद में बताए गए तीन उपाय एनीमिया को कम करने में मदद करते हैं, बशर्ते कुछ सावधानियों का ध्यान रखा जाए।
नई दिल्ली: आज के समय में बच्चों और महिलाओं में भोजन में पोषण की कमी के कारण रक्त की कमी यानी एनीमिया आम समस्या बन गई है। सिरदर्द, चक्कर और कमजोरी जैसी शिकायतों पर डॉक्टर अक्सर आयरन की दवा देते हैं, लेकिन कभी-कभी दवा लेने के बावजूद शरीर एनीमिया की कमी से जूझता रहता है। आयुर्वेद में ऐसे तीन असरदार उपाय बताए गए हैं, जिन्हें सात दिन अपनाने से शरीर में बदलाव महसूस किया जा सकता है।
पहला उपाय – आयुर्वेदिक पंचामृत:
इसमें घरेलू सामग्री शामिल हैं जो आसानी से रसोईघर में मिल जाती हैं। रक्त की कमी होने पर रात में 2 मुनक्का और 2 अंजीर भिगोकर सुबह सेवन करें। लौह भस्म और शहद मिलाकर चाटें। सुबह खाली पेट सफेद पेठे और आंवले का रस पिएं। तिल और गुड़ का भरपूर सेवन करें। रात को गुनगुने पानी के साथ त्रिफला चूर्ण लें। ये सभी उपाय शरीर में रक्त को बढ़ाने में असरदार हैं।
दूसरा उपाय – आहार तालिका:
भोजन में ऐसे तत्व शामिल करें जो रक्त उत्पादन में मदद करें। हरी पत्तेदार सब्जियां, सहजन की पत्तियां और डंडी, चुकंदर, अनार, अंगूर, सेब और खजूर का सेवन करें। दिन में छाछ शामिल करना भी लाभकारी है। वहीं, अधिक हरी मिर्च, बैंगन, अत्यधिक खट्टे फल और पैकेज्ड फूड या पेय पदार्थों से बचें।
तीसरा उपाय – रक्त निर्माण और शोधन के तरीके:
लोहे के बर्तन में खाना बनाना आयरन की मात्रा बढ़ाने में मदद करता है। इसके अलावा, सुबह की हल्की धूप लेना यानी सूर्य स्नान भी जरूरी है, जो शरीर में विटामिन डी का स्तर बढ़ाता है और लाल रक्त कोशिकाओं को मजबूत बनाता है।
इन तीन आयुर्वेदिक उपायों को नियमित अपनाकर आप शरीर में रक्त की कमी को प्रभावी तरीके से दूर कर सकते हैं। (With inputs from IANS)