Protein Powder Myths: क्या प्रोटीन पाउडर किडनी और लिवर को खराब करता है? डॉक्टर से जानिए इन 5 बड़े भ्रमों का सच
प्रोटीन पाउडर का इस्तेमाल भी लोग खूब कर रहे हैं. लेकिन क्या यह वाकई सुरक्षित है? जानिए डॉक्टर क्या कहते हैं.
मसल्स बनाना आज के समय में युवाओं का क्रेज बन गया है. लेकिन मसल्स बनाने और फिट रहने के लिए प्रोटीन पाउडर का इस्तेमाल भी लोग खूब कर रहे हैं. लेकिन क्या यह वाकई सुरक्षित है? अक्सर लोग इसे 'नेचुरल' नहीं मानते और इसके साइड इफेक्ट्स से डरते हैं। आइए, विशेषज्ञों की मदद से जानते हैं प्रोटीन पाउडर से जुड़ी भ्रांतियों की असलियत.
भ्रम 1: क्या प्रोटीन पाउडर किडनी खराब करता है?
सच्चाई- यह सबसे आम डर है. चिकित्सा एक्सपर्ट बताते हैं कि एक स्वस्थ व्यक्ति (जिसकी किडनी ठीक काम कर रही है) अगर सही मात्रा में प्रोटीन लेता है, तो किडनी पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता. समस्या केवल उन लोगों को हो सकती है जिन्हें पहले से किडनी की कोई बीमारी है. ऐसे लोगों को डॉक्टर की सलाह के बिना सप्लीमेंट नहीं लेना चाहिए.
भ्रम 2: क्या यह लिवर के लिए खतरनाक है?
फैक्ट: स्वस्थ लिवर प्रोटीन को आसानी से पचा लेता है. प्रोटीन पाउडर खुद लिवर खराब नहीं करता, बल्कि बाजार में मिलने वाले 'मिलावटी' या 'अनऑथराइज्ड' सप्लीमेंट्स जिनमें स्टेरॉयड छिपे होते हैं, वे लिवर को नुकसान पहुंचाते हैं. हमेशा भरोसेमंद ब्रांड का ही चुनाव करें.
भ्रम 3: प्रोटीन केवल जिम जाने वालों के लिए है?
सच्चाई: यह पूरी तरह गलत है. प्रोटीन हमारे शरीर की 'बिल्डिंग ब्लॉक' है. यह केवल मसल्स ही नहीं बनाता, बल्कि हमारे हार्मोन, एंजाइम और इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) के लिए भी जरूरी है. एक आम इंसान को भी अपने वजन के हिसाब से प्रोटीन की जरूरत होती है.
भ्रम 4: कितनी मात्रा है सही?
फैक्ट: विशेषज्ञों का मानना है कि एक सामान्य सक्रिय व्यक्ति को अपने शरीर के प्रति किलोग्राम वजन के बराबर ग्राम प्रोटीन (जैसे 60 किलो वजन पर 60 ग्राम प्रोटीन) लेना चाहिए. एथलीट और बॉडीबिल्डर्स के लिए यह मात्रा थोड़ी ज्यादा हो सकती है.
भ्रम 5: क्या सप्लीमेंट असली खाने की जगह ले सकता है?
सच्चाई: नहीं. प्रोटीन पाउडर एक 'सप्लीमेंट' है, यानी यह आपकी डाइट की कमी को पूरा करने के लिए है। आपकी पहली प्राथमिकता प्राकृतिक भोजन (दालें, पनीर, अंडा, सोयाबीन) होनी चाहिए। जब भोजन से जरूरत पूरी न हो, तभी पाउडर का सहारा लें.