गर्मी के मौसम में हीटवेव और हीटस्ट्रोक से बचाव के लिए अपनाएं ये जरूरी सावधानियां

देश के कई हिस्सों में तापमान बढ़ने के साथ ही गर्मी का असर तेज होने लगा है।

Update: 2026-03-13 05:45 GMT

देश के कई हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और गर्मी का असर साफ महसूस होने लगा है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को हीटवेव और हीटस्ट्रोक से बचने के लिए रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह दे रहे हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को इस मौसम में अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत होती है, क्योंकि उन पर गर्मी का असर जल्दी पड़ सकता है।

नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अनुसार, गर्मी के दुष्प्रभावों से बचने का सबसे आसान तरीका है शरीर को पर्याप्त मात्रा में हाइड्रेट रखना। दिनभर में ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। इसके अलावा नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और ओआरएस जैसे पेय पदार्थ भी शरीर में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं। अगर शरीर में पानी की कमी हो जाती है, तो डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है, जो आगे चलकर हीटस्ट्रोक का कारण बन सकता है।

गर्मी के मौसम में कपड़ों का चुनाव भी बहुत मायने रखता है। हल्के रंग के सूती और ढीले-ढाले कपड़े पहनना बेहतर होता है, क्योंकि ये शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं। इसके विपरीत, गहरे रंग के या बहुत टाइट कपड़े गर्मी को ज्यादा सोखते हैं, जिससे शरीर का तापमान बढ़ सकता है। इसलिए ऐसे कपड़ों से बचना चाहिए।

विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर के समय धूप सबसे ज्यादा तेज होती है। सुबह करीब 11 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचना चाहिए। अगर किसी कारणवश बाहर जाना जरूरी हो, तो छाता, टोपी या कैप का इस्तेमाल करें। साथ ही धूप का चश्मा पहनें और गीला कपड़ा या गमछा साथ रखें, जिससे शरीर को ठंडक मिल सके।

हीटस्ट्रोक के लक्षणों को समय रहते पहचानना भी बहुत जरूरी है। अचानक तेज बुखार आना, चक्कर आना, उल्टी, तेज सिरदर्द, बहुत ज्यादा पसीना आना या बिल्कुल पसीना न आना, दिल की धड़कन तेज होना, त्वचा का लाल और सूखा हो जाना या बेहोशी जैसे लक्षण दिखें तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को तुरंत छायादार और ठंडी जगह पर ले जाना चाहिए, पानी पिलाना चाहिए और जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

गर्मी के दिनों में पालतू जानवरों का भी खास ख्याल रखना जरूरी है। उन्हें धूप से दूर छायादार जगह पर रखें और पीने के लिए साफ पानी उपलब्ध कराते रहें। इसके अलावा बहुत अधिक गर्मी में भारी शारीरिक मेहनत या कड़ी एक्सरसाइज करने से भी बचना चाहिए।

घर के अंदर भी तापमान को नियंत्रित रखने की कोशिश करनी चाहिए। इसके लिए पंखा, कूलर या एयर कंडीशनर का इस्तेमाल किया जा सकता है। कमरे में हवा का अच्छा प्रवाह बनाए रखना भी जरूरी है, ताकि वातावरण ठंडा और आरामदायक बना रहे। यदि किसी व्यक्ति में गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो बिना देरी किए उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल ले जाना चाहिए।

With Inputs From Ians

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