Health Alert: भारत में हर 10 में से 6 महिलाएं 'पेट के मोटापे' की शिकार! रिसर्च में हुआ मेटाबॉलिक इमरजेंसी का खुलासा

भारत में 30 से 49 साल की आयु की लगभग 50-60 प्रतिशत महिलाएं पेट के मोटापे (Abdominal Obesity) से जूझ रही हैं.

Update: 2026-03-31 06:45 GMT

हाल ही में 'डायबिटीज एंड मेटाबॉलिक सिंड्रोम: क्लिनिकल रिसर्च एंड रिव्यू' में जारी एक नए स्टडी ने भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है. भारत में 30 से 49 साल की आयु की लगभग 50-60 प्रतिशत महिलाएं पेट के मोटापे (Abdominal Obesity) से जूझ रही हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि यह केवल वजन बढ़ने की समस्या नहीं है, बल्कि एक छिपी हुई 'मेटाबॉलिक इमरजेंसी' का संकेत है. चौंकाने वाली बात यह है कि यह प्रवृत्ति अब कम उम्र की लड़कियों में भी देखी जा रही है.

BMI नहीं, 'कमर का घेरा' है असली पैमाना

स्टडी में साफ किया गया है कि भारतीयों के लिए बॉडी मास इंडेक्स (BMI) मोटापे को मापने का सही तरीका नहीं है. एशियाई भारतीयों में कम BMI होने के बावजूद शरीर में वसा (Body Fat) का लेवल ज्यादा हो सकता है. अब एक्सपर्ट का कहना है कि सामान्य मोटापे के बजाय 'एब्डोमिनल ओबेसिटी' पर ध्यान देना चाहिए. इसके लिए वजन के बजाय कमर की परिधि (Waist Circumference) और कमर-से-ऊंचाई अनुपात (Waist-to-height ratio) का इस्तेमाल करना बेहतर है.

क्यों बढ़ रहा है पेट का मोटापा?

स्टडी के अनुसार, पेट के घेरे बढ़ने के पीछे कई मुख्य कारण हैं.

  • शहरी रहन-सहन और शारीरिक सक्रियता में कमी.
  • मांसाहारी भोजन और उच्च कैलोरी वाली डाइट का अधिक सेवन.
  • बचपन में कुपोषण के बाद अचानक जीवनशैली में आए बदलाव (Rapid lifestyle transitions) ने शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित किया है.
  • हाय इनकम कैटगरी और अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह समस्या पैर पसार रही है.

इन गंभीर बीमारियों का बढ़ जाता है खतरा

  • पेट के अंगों (जैसे लिवर और पैन्क्रियाज) के आसपास जमा वसा इन रोगों का कारण बनती है.
  • टाइप 2 डायबिटीज (T2D)-इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ना.
  • हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा
  • MASLD (मेटाबॉलिक डिस्फंक्शन-एसोसिएटेड स्टीयोटिक लिवर डिजीज).
  • खास कर से महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा.
  • क्रोनिक किडनी डिस्फंक्शन.

ग्रामीण भारत भी अब अछूता नहीं

NFHS-5 (2019-21) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में लगभग 40% महिलाएं और 12% पुरुष पेट के मोटापे से प्रभावित हैं. अब यह समस्या केवल अमीर या शहरी आबादी तक सीमित नहीं रह गई है, छोटे और मध्यम आय वाले ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से बढ़ रही है.

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