अनुशासन में छिपी है सेहत की 'आजादी', अपनाएं हेल्दी आदतें

अनुशासन और सही आदतों को अपनाकर हम अपने स्वास्थ्य और जीवन में स्वतंत्रता हासिल कर सकते हैं।

Update: 2026-01-28 11:45 GMT

नई दिल्ली:  गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने स्वास्थ्य और आत्म-अनुशासन को 'आजादी' से जोड़ते हुए एक प्रेरक संदेश साझा किया। मंत्रालय के अनुसार, सेहत के लिए ‘आजादी’ का मतलब खुद को स्वच्छंद मानना नहीं, बल्कि अपने शरीर के लिए सही विकल्प चुनने में निहित है।

स्वस्थ रहने के लिए समय पर सोना, मौसमी और ताजा भोजन करना, नियमित व्यायाम और ध्यान जैसी आदतें अपनाना जरूरी है। यह व्यक्ति को बीमारियों, सुस्ती और कमजोरी से दूर रखता है। मंत्रालय ने बताया कि आत्म-अनुशासन कोई बंधन नहीं बल्कि आत्म-सम्मान का सर्वोच्च रूप है, जो तात्कालिक सुख की बजाय दीर्घकालिक स्वास्थ्य और शक्ति को महत्व देता है।

लोगों से अपील की गई है कि वे प्रोसेस्ड फूड के बजाय मौसमी फल और सब्जियों का चयन करें, सक्रिय रहें, सोच-समझकर भोजन करें और देर रात जागने के बजाय जल्दी सोने की आदत डालें। मंत्रालय ने सवाल पूछा, "इस साल आप कौन सी हेल्दी आदत अपनाने के लिए खुद को अनुशासित कर रहे हैं?" स्वस्थ नागरिक ही मजबूत राष्ट्र की नींव होते हैं, और छोटे-छोटे अनुशासित कदमों से ऊर्जावान और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी सेहत की नींव सही पोषण और रोजमर्रा की आदतों पर टिकी होती है। मौसमी और स्थानीय खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दें, नियमित समय पर भोजन करें और गुनगुना पानी पिएं। संतुलित भोजन में मौसमी फल, हरी पत्तेदार सब्जियां और साबुत अनाज जैसे गेहूं, ज्वार, बाजरा, रागी और मक्का शामिल करें।

भोजन को अच्छी तरह धोकर, उबालकर, भाप में पकाकर या ग्रिल करके तैयार करें। ताजा और हल्का भोजन चुनें और तला-भुना, अधिक चीनी-नमक वाला या जंक फूड से बचें। भोजन करते समय मोबाइल या टीवी से दूर रहें, पर्याप्त गुनगुना पानी पिएं और भोजन के बाद हल्का आराम करें। इन आसान और छोटे बदलावों को अपनाकर लंबे समय तक टिकाऊ स्वस्थ जीवनशैली बनाई जा सकती है। (With inputs from IANS)

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