कड़ाके की ठंड में कैसे रहें फिट और फाइन, आयुष मंत्रालय ने दिए टिप्स

कड़ाके की ठंड में स्वस्थ और फिट रहने के लिए आयुष मंत्रालय ने सरल और असरदार टिप्स दिए हैं।

Update: 2026-01-09 15:30 GMT

नई दिल्ली: सर्दियों में शरीर को स्वस्थ और फिट बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ठंडी हवाएं, शीतलहर, कोहरा और गलन कई शारीरिक समस्याओं को जन्म देते हैं। इसी के मद्देनजर भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने ठंड के मौसम में शरीर की सुरक्षा और स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए आसान, असरदार और प्राकृतिक उपाय साझा किए हैं। इन सुझावों का उद्देश्य न केवल शरीर को गर्म रखना है, बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करना है।

मंत्रालय के अनुसार, सर्दियों में सबसे पहले आहार पर ध्यान देना आवश्यक है। स्थानीय और मौसमी भोजन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मोटे अनाज जैसे बाजरा, ज्वार, मक्का, जौ और रागी को रोजाना की डाइट में शामिल करना लाभकारी है। इसके साथ-साथ दूध, हरी सब्जियां और मौसमी फल भी खाए जाएं।

भोजन ताजा और गर्म होना चाहिए। गुड़ और घी का नियमित उपयोग शरीर को गर्म रखने और पोषण प्रदान करने में सहायक होता है। वहीं, ठंडी चीजों जैसे आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक और फ्रिज का ठंडा पानी सर्दियों में टालना चाहिए क्योंकि ये शरीर की प्राकृतिक गर्मी को घटा सकते हैं और सर्दी-जुकाम की समस्या को बढ़ा सकते हैं।

आयुष मंत्रालय ने जीवनशैली में मौसम के अनुसार बदलाव करने की भी सलाह दी है। सर्दियों में सही मात्रा में तेल या घी का इस्तेमाल भोजन को स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाता है। घी शरीर को ताकत और गर्मी देने के साथ-साथ जोड़ों को मजबूत भी बनाता है। गुड़ और शहद जैसी प्राकृतिक मिठास वाली चीजें शरीर की गर्मी बढ़ाती हैं, पाचन प्रणाली को दुरुस्त रखती हैं और इम्युनिटी को मजबूत करती हैं।

इन उपायों को अपनाकर ठंड के मौसम में शरीर ऊर्जावान और स्वस्थ बना रह सकता है। आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि भोजन गर्म और पोषक तत्वों से भरपूर हो। साथ ही जीवनशैली में बदलाव जैसे नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है। इन सरल उपायों के जरिए सर्दियों में भी स्वस्थ, ऊर्जावान और रोगमुक्त जीवन जीया जा सकता है।

कुल मिलाकर, ठंड में फिट रहने के लिए आहार, जीवनशैली और आयुर्वेदिक सुझावों का पालन करना बेहद लाभकारी साबित होता है। यह न केवल शरीर को गर्म रखता है, बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर पूरे वर्ष स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद करता है। (With inputs from IANS)

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