इंटीग्रेटिव मेडिसिन से मजबूत होगा यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज: अनुप्रिया पटेल

सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में आयुष को आधुनिक चिकित्सा के साथ जोड़ने से यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज को मजबूती मिल सकती है

Update: 2026-02-06 11:45 GMT

सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में आयुष को आधुनिक चिकित्सा के साथ जोड़ने से यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज (यूएचसी) को मजबूत किया जा सकता है। यह बात केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कही। उन्होंने कहा कि भविष्य की स्वास्थ्य प्रणालियों को केवल इलाज तक सीमित न रखते हुए रोकथाम, दीर्घकालिक देखभाल और संपूर्ण कल्याण पर केंद्रित करना जरूरी है।

दुबई (यूएई) में आयोजित वर्ल्ड गवर्नमेंट्स समिट के तीसरे दिन एक सत्र को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि तेजी से बदलती जीवनशैली, शहरीकरण, अस्वास्थ्यकर खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी और लगातार बढ़ते मानसिक तनाव के कारण गैर-संचारी रोगों और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का बोझ बढ़ रहा है। ऐसे में केवल बीमारी होने के बाद इलाज पर निर्भर स्वास्थ्य व्यवस्था अब पर्याप्त नहीं है।

“पॉलिसी से प्रैक्टिस तक: इंटीग्रेटिव मेडिसिन के भविष्य में निवेश” विषय पर बोलते हुए अनुप्रिया पटेल ने कहा कि आयुष प्रणालियों को आधुनिक चिकित्सा और सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे के साथ समन्वयित करना एक रणनीतिक और टिकाऊ समाधान है। इससे एक ऐसी स्वास्थ्य प्रणाली विकसित की जा सकती है जो निवारक, जन-केंद्रित और दीर्घकालिक रूप से प्रभावी हो।

उन्होंने बताया कि भारत ने पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को आधुनिक विज्ञान आधारित चिकित्सा के साथ जोड़ने के लिए नीति-आधारित और संस्थागत ढांचा तैयार किया है। इसका उद्देश्य प्राचीन ज्ञान को प्रमाण-आधारित तरीकों से आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में शामिल करना है, ताकि इसे बड़े स्तर पर लागू किया जा सके।

मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनिया के लगभग 88 प्रतिशत देशों में पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियां सांस्कृतिक रूप से स्वीकार्य हैं। यह दर्शाता है कि इंटीग्रेटिव हेल्थकेयर वैश्विक स्तर पर एक प्रासंगिक और आवश्यक मॉडल बनता जा रहा है।

एक मीडिया बातचीत में अनुप्रिया पटेल ने कहा कि भारत में इंटीग्रेटिव हेल्थकेयर को औपचारिक रूप से स्वास्थ्य व्यवस्था का हिस्सा बना दिया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 ने देश में समेकित स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मजबूत आधार प्रदान किया है।

उन्होंने बताया कि यह मॉडल प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक स्तर पर लागू किया गया है। प्राथमिक स्तर पर आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में योग, वेलनेस और आयुष सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। द्वितीयक स्तर पर आयुष ब्लॉक्स काम कर रहे हैं, जबकि तृतीयक स्तर पर राष्ट्रीय संस्थानों में विशेष इंटीग्रेटिव हेल्थकेयर यूनिट्स स्थापित की जा रही हैं। इसके साथ ही पारंपरिक चिकित्सा को चिकित्सा शिक्षा प्रणाली में भी शामिल किया जा रहा है।

मंत्री ने कहा कि यह समेकित दृष्टिकोण न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाएगा, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित करेगा और देश को यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के लक्ष्य के और करीब ले जाएगा।

With Inputs From IANS

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