मिजोरम में स्वास्थ्य ढांचा सशक्त, बेहतर इलाज की दिशा में बड़ा कदम: सीएम लालदुहोमा

मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने कहा कि जिला अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी के उन्नयन से राज्य की स्वास्थ्य अवसंरचना मजबूत हुई है

Update: 2026-02-04 12:45 GMT

मिजोरम सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर बुनियादी ढांचे का विस्तार और उन्नयन किया है। मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने कहा कि जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) को सशक्त बनाने से आम लोगों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो पा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित मिजोरम हेल्थ सिस्टम्स स्ट्रेंथनिंग प्रोजेक्ट (एमएचएसएसपी) के तहत आयोजित दो दिवसीय ‘नॉलेज एक्सचेंज हेल्थ कॉन्क्लेव’ का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। उन्होंने बताया कि लगभग 280 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य क्षेत्र सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है और सेवा वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

आइजोल के फॉकलैंड पार्क में आयोजित इस कॉन्क्लेव में देश के कई राज्यों के प्रतिनिधि और स्वास्थ्य विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य को राज्य के समग्र विकास की बुनियाद मानती है, इसी कारण स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश को प्राथमिकता दी जा रही है।

उन्होंने मिजोरम यूनिवर्सल हेल्थ केयर स्कीम (एमयूएचसीएस) का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इस योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में मरीजों को कैशलेस इलाज की सुविधा दी जा रही है, जिससे आर्थिक बोझ कम हुआ है और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान बनी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस योजना को देश की बेहतर स्वास्थ्य योजनाओं में गिना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि स्वास्थ्यकर्मियों के लिए आधुनिक और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद की गई है। इसके साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र को और मजबूत बनाने के लिए कई नई पहलें शुरू की गई हैं। उन्होंने इन उपलब्धियों का श्रेय विश्व बैंक और केंद्र सरकार के सहयोग को देते हुए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एक कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया। स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई ने अपने संबोधन में कहा कि एमएचएसएसपी के माध्यम से संसाधनों के बेहतर उपयोग और नए उपकरणों की उपलब्धता से राज्य की स्वास्थ्य संस्थाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। उन्होंने बताया कि इसी के परिणामस्वरूप कई स्वास्थ्य केंद्रों को राष्ट्रीय स्तर पर गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त हुआ है।

एमएचएसएसपी परियोजना की शुरुआत वर्ष 2021 में विश्व बैंक के वित्तीय सहयोग से की गई थी। यह परियोजना पांच वर्षों के लिए लागू की गई है और मार्च 2026 तक इसके पूर्ण होने की योजना है। परियोजना निदेशक लिली छाकछुआक ने जानकारी दी कि जनवरी 2026 तक परियोजना के अधिकांश लक्ष्य हासिल किए जा चुके हैं और शेष लक्ष्यों को मार्च 2026 तक पूरा करने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, एमयूएचसीएस के तहत अब तक 91 प्रतिशत नामांकन लक्ष्य पूरा हो चुका है। इस उपलब्धि के लिए मिजोरम को जनवरी 2026 में राष्ट्रीय स्तर पर “कार्ड सैचुरेशन में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन” का पुरस्कार भी मिला है।

दो दिवसीय इस कॉन्क्लेव में तेलंगाना, मेघालय, नागालैंड, पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, गुजरात, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश सहित कई राज्यों के प्रतिनिधि और स्वास्थ्य विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। इसके अलावा विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रीय संगठनों के प्रतिनिधि भी इस मंच पर स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने से जुड़े अनुभव और रणनीतियां साझा कर रहे हैं।

With Inputs From IANS

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