मोरिंगा ऑयल: प्रदूषण और धूप से डैमेज स्किन के लिए कारगर, दाग-धब्बों पर भी असरदार

बदलती जीवनशैली, प्रदूषण, धूप, तनाव और गलत खानपान का असर सबसे पहले चेहरे की त्वचा पर नजर आता है।

Update: 2026-02-05 05:00 GMT

बदलती जीवनशैली, बढ़ता प्रदूषण, तेज धूप, मानसिक तनाव और अनियमित खानपान का असर सबसे पहले चेहरे की त्वचा पर दिखाई देता है। कम उम्र में ही झुर्रियां, एज स्पॉट्स, दाग-धब्बे, रूखापन और बेजान त्वचा जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं। ऐसे में केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स के बजाय प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपायों की ओर लोगों का रुझान बढ़ रहा है। इन्हीं उपायों में मोरिंगा तेल त्वचा के लिए एक प्रभावी और सुरक्षित विकल्प माना जाता है।

आयुर्वेद में मोरिंगा को “शोभांजन” कहा गया है। इसके पत्ते, फल, छाल और विशेष रूप से बीज औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। मोरिंगा के सूखे बीजों से निकाला गया तेल अत्यंत पोषक होता है, जो त्वचा की सेहत को भीतर से सुधारने में मदद करता है। आयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसार, यह तेल त्वचा के दोषों को संतुलित करता है और शरीर के आंतरिक व बाहरी दोनों स्तरों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।

वैज्ञानिक अध्ययनों में भी मोरिंगा तेल के लाभ सामने आए हैं। इसमें ओलिक एसिड, विटामिन ए, सी और ई, फ्लेवोनॉयड्स और पॉलीफेनॉल जैसे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। ये तत्व त्वचा को पोषण देने के साथ-साथ उसे फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। मोरिंगा तेल में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-एजिंग, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ, चमकदार और युवा बनाए रखने में सहायक हैं।

एज स्पॉट्स और चेहरे पर पड़ने वाले काले धब्बे अक्सर धूप के संपर्क, फ्री रेडिकल्स और त्वचा में कोलेजन की कमी के कारण होते हैं। मोरिंगा तेल इन समस्याओं पर प्रभावी रूप से काम करता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा की कोशिकाओं की रक्षा करते हैं, जबकि विटामिन सी कोलेजन के निर्माण को बढ़ावा देता है। इससे त्वचा की इलास्टिसिटी बनी रहती है और दाग-धब्बे धीरे-धीरे हल्के होने लगते हैं। रोजाना हल्के हाथों से तेल की मसाज करने से यह त्वचा की गहराई तक पहुंचकर असर दिखाता है।

आयुर्वेद के अनुसार, एज स्पॉट्स और पिगमेंटेशन को पित्त दोष के असंतुलन से भी जोड़ा जाता है। मोरिंगा तेल में ठंडक देने वाले गुण होते हैं, जो त्वचा की गर्मी को शांत करते हैं और पित्त को संतुलित करने में मदद करते हैं। इससे पिगमेंटेशन की समस्या कम होती है। नहाने के बाद या रात को सोने से पहले चेहरे पर इसकी कुछ बूंदों से मसाज करने से त्वचा लंबे समय तक नरम, मुलायम और हाइड्रेटेड बनी रहती है।

एज स्पॉट्स के अलावा, मोरिंगा तेल मुंहासों, जलन, एलर्जी, सन डैमेज और रूखी त्वचा जैसी समस्याओं में भी लाभकारी माना जाता है। यह त्वचा की प्राकृतिक नमी को बनाए रखता है, जिससे खिंचाव और रूखापन कम होता है। फटे होंठों और बेजान त्वचा के लिए भी इसका उपयोग फायदेमंद साबित हो सकता है।

With Inputs From IANS

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