शकरकंद को न समझें कम, सर्दियों में आंखों से लेकर इम्यूनिटी तक का रखता है खास ख्याल
सर्दियों का मौसम में शकरकंद सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है.
Sweet Potato Benefit: सर्दियों का मौसम आते ही बाजारों में एक चीज खास तौर पर नजर आने लगती है, वो है भुना हुआ गरमा-गरम शकरकंद. ठंडी हवा में हाथों में शकरकंद पकड़े उसका स्वाद लेना अपने आप में एक अलग ही मजा देता है. लेकिन, स्वाद के साथ-साथ शकरकंद सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है। यही वजह है कि इसे सर्दियों में सेहत की सबसे मीठी ढाल कहा जाता है.
शकरकंद देखने में भले ही आलू जैसा लगे, लेकिन दोनों में जमीन-आसमान का फर्क है. शकरकंद पोषण से भरपूर होता है और हजारों सालों से इंसानों की थाली का हिस्सा रहा है। खासकर उपवास के दिनों में शकरकंद इसलिए खाया जाता है क्योंकि यह जल्दी ऊर्जा देता है और पेट को भारी भी नहीं करता.
आंखों की सेहत के लिए शकरकंद काफी फायदेमंद
सबसे पहले बात करते हैं आंखों की सेहत की. शकरकंद में भरपूर मात्रा में विटामिन ए पाया जाता है, जो आंखों की रोशनी के लिए बहुत जरूरी है. सर्दियों में जब आंखों में जलन या सूखापन महसूस होता है, तब शकरकंद आंखों को अंदर से पोषण देता है. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी के लिए यह बेहद फायदेमंद है. इम्यूनिटी बढ़ाने में भी शकरकंद का कोई जवाब नहीं। इसमें मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं. सर्दियों में सर्दी-खांसी और वायरल इंफेक्शन से बचाव के लिए शकरकंद एक बढ़िया प्राकृतिक उपाय है. यही नहीं, यह शरीर को अंदर से गर्माहट भी देता है.
फाइबर से भरपूर होता है शकरकंद
शकरकंद फाइबर से भरपूर होता है। यह पाचन को बेहतर बनाता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। जो लोग वजन कंट्रोल में रखना चाहते हैं, उनके लिए भी शकरकंद अच्छा विकल्प है, क्योंकि यह पेट को देर तक भरा रखता है और बार-बार भूख नहीं लगने देता. डायबिटीज के मरीज भी शकरकंद को सीमित मात्रा में खा सकते हैं। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स सफेद आलू से कम होता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ती। बस ध्यान रहे कि इसे उबालकर या भूनकर ही खाएं और ज्यादा तेल या चीनी से बचें।
Input IANS